रुद्रपुर। घर मे कोई ना हो और मूड बने दारू पीने का… फिर तो कहने ही क्या। दस की दस अंगुली घी में और सिर कढ़ाई में, लेकिन क्या हो अगर पैसे खर्च करने के बाद शराब की एक बूंद भी हलक के नीचे ना उतरे। ऐसा ही कुछ हुआ रुद्रपुर निवासी एक साहब के साथ।
साहब बड़े मूड में थे, आखिर अर्से बाद दारू पीने का मन हुआ था। हालांकि साहब दारू के ठेके तक जाने में कतराते थे। वजह थी कि कोई ठेके पर देख लेगा तो बैठे बिठाए बदनामी हो जाएगी। साहब के साथियों को भनक लगी तो वो भी दारू पार्टी के लिए झट से तैयार हो गए। अब साहब ने जेब से पैसे निकाले और एक साथी को थमा दिया। साथी भी आनन फानन में शिवनगर ट्रांजिट कैम्प स्थित शराब के ठेके पर जा पहुंचा। यहां से साहब के साथी ने मां शीतला बेव्रेज कंपनी के अट्रैक्शन ब्रांड के तीन क्वाटर खरीदे। तीनों क्वाटर सील पैक और आबकारी की चिट से सील थे। साथी फटाफट तीनों क्वाटर लेकर अपने दोस्तों के पास पहुंच गया। साहब ने साथियों के साथ दो क्वाटर खत्म किए और जब तीसरा क्वाटर खोला तो सारा नशा पल भर में काफूर हो गया। तीसरा क्वाटर सील पैक तो था, लेकिन पूरी तरह खाली था। उन्होंने क्वाटर खोला नही, बल्कि उसे लेकर शराब ठेके जा पहुंचे। ग्राहक की बात सुनने समझने और मामला निपटाने के बजाय सेल्समैन ने उल्टा ग्राहक की क्लास लगा दी और बद्तमीजी करने लगा। बोला अंधा था क्या जो खाली क्वाटर ले गया।

कम्पनी पर भी खड़े हुए सवाल
रुद्रपुर। अब सवाल कंपनी पर भी बनता है कि कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी अंधे थे क्या जो खाली क्वाटर पैक कर ग्राहकों को बेचने के लिए भेज दिया। ठेके वाले ने सील पैक खाली क्वाटर को लेने से मना कर दिया और धमकी देने लगा कि जिसको मर्जी बोल देना, क्वाटर वापस नहीं करूंगा। कंपनी का हेल्पलाइन नंबर भी बंद आ रहा है। वहीं क्वाटर पर 130 रुपये मूल्य अंकित था जबकि ठेके द्वारा 150 रुपये का बेचा।

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