अल्मोड़ा। लॉक डाउन की मार झेल चुके मिठाई विक्रेताओं का धंधा अभी पटरी पर लौट ही रहा था कि अब एक नियम उनके हाथ पैर काटने जा रहा। व्यापारी अब इस नियम के खिलाफ लामबंद हो गए है। मामला अब उच्च न्यायालय की शरण लेने जा रहा है।
दरअसल, अब भारत सरकार ने देश में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) 2006 नियम के तहत मिष्ठान विक्रेताओं को आदेश दिया है कि वह अब मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण की तिथि के साथ एक्सपायरी डेट भी अंकित करेंगे। जिससे व्यापारियों के सामने कई तरह की परेशानी खड़ी हो गई है।
जिला मिष्ठान विक्रेता संघ,जनपद- अल्मोड़ा ने आज इस मामले में एक प्रेस वार्ता की। जिसमें जिला मिष्ठान विक्रेता संघ के अध्यक्ष मनोज सिंह पवार ने कहा कि लॉकडाउन के समय से ही मिष्ठान विक्रेताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लॉकडाउन के समय सारी मिठाइयां खराब हो जाने से उन्हें फेंकना पड़ा। उस नुकसान के साथ बिजली, पानी व दुकान का किराया भी देना पड़ा। ना ही लॉकडाउन के समय केंद्र व राज्य सरकारों ने मिष्ठान विक्रेताओं को कोई रियायत दी और ना ही अब। उल्टा अब भारत सरकार देश में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण 2006 नियम के तहत जबरन मिष्ठान विक्रेताओ को मिठाइयों की ट्रे में निर्माण की तिथि के साथ एक्सपायरी की तिथि अंकित करने के लिए परेशान कर रही है। पहले से ही आर्थिक तंगी की मार झेल रहा जिला मिष्ठान विक्रेता संघ अल्मोड़ा इस एक्ट का विरोध करता है। इसके खिलाफ अब संघ अपना पक्ष रखने उच्च न्यायालय जा रहा है। बैठक में जिला उपाध्यक्ष मदन रावत, महासचिव शोभन सिंह सीजवाली, उपसचिव पंकज बगड़वाल, कोषाध्यक्ष इंदर सिंह बिष्ट, संरक्षक मंडल के मदन डांगी, नवनीत बिष्ट, अरुण रौतेला, विनोद कुमार बंसल, गिरीश चन्द्र जोशी, पूरन लटवाल, महेंद्र रावत, अमर लटवाल, त्रिलोक चन्द्र बिष्ट, प्रेम खोलिया, त्रिलोक लटवाल, अनिल भट्ट, लीलाधर जोशी, हरीश जोशी, गोविन्द सिंह बिष्ट, राम सिंह सलाल, पप्पू बिष्ट, अशोक मश्वनी, हरीश सिंह रावत, हिमांशु कांडपाल उपस्थित थे।

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