– शुक्रवार दोपहर नशे में घुत लाठी के बूते वर्दी का रौब गांठ रहा था वर्दीवाला

हल्द्वानी, डीडीसी। शुक्रवार दोपहर नशे में धुत होकर हल्द्वानी बाजार में रौब गांठना एक वर्दी वाले को भारी पड़ गया। लाठी के बूते फड़वालों को हडक़ा रहे इस वर्दी वाले पर तब शामत आ गई, जब लोगों को यह लगा कि वो नशे में है। इसके बाद तो जैसे फड़वालों को मौका मिल गया। उन्होंने उसे दबोच लिया और जद्दोजहद शुरू हो गई। इसी बीच कुछ लोगों ने वर्दी वाले पर हाथ छोड़ दिया। हालांकि कुछ समझदार लोगों ने बीच-बचाव भी किया। जिसके बाद मौका पाया वर्दी वाला वहां से बगैर पीछे देखे चलता बना। इस घटना से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग यहां वर्दीवाले को कोसते नजर आए तो कई लोगों ने फुटकर दुकानदारों के बर्ताव को भी गलत ठहराया। मामला उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर का है।

कालू सिद्ध के सामने गली में घटी घटना
ये वाक्ता हल्द्वानी में कालू सिद्ध मंदिर के ठीक सामने वाली गली का है। दोपहर करीब पौने एक बजे नशे में लहराता एक वर्दी वाला होमगार्ड बाजार में स्थित मजिस्द की ओर से कालू सिद्ध मंदिर की ओर बढ़ता है। नशे में ये बाजार में मौजूद फड़वालों पर रौब गांठता और लाठी दिखाकर गालियां दे रहा था। आरोप ये भी है कि नशे में इसने कुछ दुकानदारों को पीटा भी। इसके बाद जब होमगार्ड कमल स्वीट्स के पास पहुंचा तो उसके लडख़ड़ाते कदमों को कुछ दुकानदारों ने भांप लिया। इसके बाद तो होमगार्ड के लिए आफत आ गई। हल्ला करते लोगों ने होमगार्ड को घेर लिया। लोग उसे कोतवाली ले जाना चाहते थे, लेकिन भीड़ में कुछ लोगों द्वारा होमगार्ड से घ्रणित व्यवहार किया। जिसकी वजह से भीड़ में फाड़ हो गए और मौका पाकर होमगार्ड चलता बना।

लिफ्ट मांगी और चुपचाप चलता बना
लोग इस बात को लेकर आपस में उलझ रहे थे कि वर्दी वाले के साथ मारपीट नहीं की जानी चाहिए थी। जब कुछ सभ्रांत लोगों ने इस होमगार्ड को लोगों के चंगुल से आजाद कराया तो वह चुपचाप मंदिर की ओर बढ़ चला। लहराते कदमों से वो महिला अस्पताल तक पहुंचा। पहले उसने एक आटो वाले को हाथ दिया। वर्दी देखकर सवारियों से फुल आटो वाला रुक गया, लेकिन बैठने की जगह नहीं हुई तो आटो वाला चलता बना। इसके बाद होमगार्ड ने एक चार पहिया लोडर को रोका, लेकिन नशे में होने के कारण लोडर वाले ने बैठाया नहीं। इसके बाद होमगार्ड ने एक और लोडर को रोका, जिसमें सवार होकर वह कोतवाली की ओर चला गया।

वो नशे में था और वर्दी का मान भूले दुकानदार
बदन पर वर्दी होने का मतलब कि आप समाज के लिए एक रोल मॉडल हैं। बुरा साबित होने पर लोग वर्दीधारी का गिरेबां दबोचने से गुरेज नहीं करते। ये मौका सिर्फ लोगों को इसलिए मिला क्योंकि होमगार्ड बावर्दी लाठी के साथ नशे में था। जाहिर है शराब पीकर होमगार्ड ने वर्दी का मान गिराया, लेकिन मौका पाए लोगों ने भी वर्दी का मान नहीं रखा। वर्दी पहने व्यक्ति पर हाथ उठाने का अधिकार किसी को नहीं है। लोगों को अगर लगा था कि होमगार्ड गलत है तो उसे ससम्मान बैठाना चाहिए था और पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी, लेकिन इन कब्जेदार दुकानदारों को वर्दी वाले के खिलाफ खड़े होने का मौका मिल चुका था। गनीमत सिर्फ इतनी थी कि कुछ समझदार लोग इन नसमझों के बीच पहुंच गए।

नशे में ही याद आनी थी उसे असली ड्यूटी
आज नशे में धुत होमगार्ड के साथ जो हुआ वो सरासर गलत है। इसकी वजह से सीधे तौर पर पुलिस और नगर निगम है। इस मामले में नगर निगम इस लिए दोषी है क्योंकि ये बाजार नगर निगम के अधीर है। होना ये चाहिए कि नगर निगम को इन कब्जेदार दुकानदारों को कोई ऐसा स्थान मुहैया कराए, जहां ये एक साथ फड़ लगा सकें। अब पुलिस की बात करें तो सडक़ जनता के चलने के लिए होती है न कि ऐसे लोगों की जो सडक़ कब्जा कर अपनी दुकान लगा लें। ऐसे कब्जेदार दुकानदारों पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि गाहे-बगाहे ऐसा हुआ भी है, लेकिन एक मुश्त कार्यवाही कभी नहीं हुई।

 

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