– 1 दिन बाद अब भी लापता है 203 लोग

चमोली, डीडीसी। उत्तराखंड (Uttrakhand) के चमोली (Chamoli) जिले की चीन सीमा (China Border) से जुड़े क्षेत्र में रविवार को एक ग्लेशियर (Glacier) के टूटन जाने से भारी तबाही मच गई। सैलाब की चपेट में आए ज्यादातर लोग रैंणी और तपोवन की बिजली प्रोजेक्ट से जुडे़ हैं। अब तक 10 शव (Dead body) मिल चुके हैं। जबकि 153 लोग अभी भी लापता (Missing) हैं। वहीं, 12 लोगों को कल रेस्क्यू कर लिया गया था। इसमे से 32 लापता ग्रामीण रैंणी गांव के हैं, जबकि 121 मीसिंग लोग तपोवन परियोजना में कार्यरत थे। इसके अलावा बिहार, मध्यप्रदेश, यूपी और हिमाचल के लोग भी यहां काम कर रहे थे। हालांकि किस प्रदेश के कितने लोग हैं, अभी इसकी जानकारी नही है।

आधे घंटे में 6 किमी दौड़ा सैलाब
चमोली में हुए हादसे में तपोवन परियोजना में सबसे ज्यादा लोग चपेट में आए हैं। ऋषिगंगा, धौली के संगम से तपोवन प्रोजेक्ट स्थल करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर है। सैलाब को यहां पहुंचने में करीब आधा घंटा लगा। इस दौरान 26 मजूदर और कर्मचारी परियोजना की सुरंगों में और 142 मजदूर व कर्मचारी साइटों में काम कर रहे थे। इनमें से ज्यादातर लोग सैलाब का शिकार हो गए। रेस्क्यू टीमों ने देर शाम तक तपोवन में सुरंगों में फंसे लोगों में 25 को सुरक्षित निकाल लिया। जबकि दूसरी सुरंग में फंसे लोगों की तलाश जारी है।

250 मीटर की सुरंग में अभी भी फंसे है दर्जनों लोग
उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से आस-पास के इलाकों में काफी तबाही हुई है। ग्लेशियर टूटने के चलते अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर हैं। ऋषिगंगा प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने का अभियान रविवार देर रात नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण रोकना पड़ा। करीब ढाई सौ मीटर इस सुरंग में अब भी 30 से अधिक लोगों के फंसे होने की संभावना है।

जिले से टूटा 17 गांवों का संपर्क
ऋषिगंगा पर स्थित पुल सीमावर्ती क्षेत्र मलारी को जोड़ता है, लेकिन इसके टूटने से फिलहाल यह क्षेत्र सड़क संपर्क मार्ग से अलग हो गया है। इसके अलावा चार अन्य झूला पुल भी बह गए। इसकी वजह से आसपास के गांवों का संपर्क भी टूट गया है। आपदा की वजह से ऋषिगंगा व धौलीगंगा के 17 गांवों का जिले से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इनमें छह गांव ऐसे भी हैं जो सर्दियों में बर्फबारी के चलते माइग्रेट कर लेते हैं। फिलहाल 11 गांवों के ग्रामीणों के सामने मुसीबतें बढ़ गई हैं।

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