– एनसीईआरटी (NCERT) की पुस्तक में छपी कविता ‘छोकरी की टोकरी’ अब आई विवादों में

हल्द्वानी, डीडीसी। कक्षा एक पुस्तक में एक कविता है ‘छह साल की छोकरी, भरकर लाई टोकरी’ और आपको भी ये कविता बखूबी याद होगी। क्योंकि ये कविता पिछले 16 सालों से NCERT की पुस्तक में बच्चे पढ़ते आ रहे हैं, लेकिन अब 16 साल बाद कक्षा-1 की ये छोकरी बदनाम हो गई। सोशल मीडिया पर इस कविता के अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं और अब तो उत्तराखंड में भी सोशल मीडिया पर इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

रिमझिम पुस्तक के तीसरे अध्याय में छपी है कविता
कक्षा एक की एनसीईआरटी की हिंदी की किताब ‘रिमझिम’ के तीसरे अध्याय की यह कविता छपी है। लोगों को इस कविता में शब्दों के चयन और शैली को लेकर आपत्ति है। खासकर छोकरी शब्द को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उत्तराखंड से पहले राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया पर उठा यह मुद्दा अब उत्तराखंड में भी वायरल है।

आशुतोष राणा ने भी उठाए सवाल
बालीवुड एक्टर आशुतोष राणा ने भी इस कविता की भाषा शैली पर आपत्ति की है। उन्होंने एनसीईआरटी को खरी-खरी सुनाई है। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी इस कविता को टैग किया है। कविता के विरोध में कुछ बुद्धिजीवी भी आगे आए हैं। हालांकि कुछ शिक्षक इस कविता के भाव को गलत भी नहीं मानते।

2006 से सिलेबस का हिस्सा
यह कविता रामकृष्ण शर्मा खद्दर ने लिखी है। इसे एनसीईआरटी के कक्षा 1 के सिलेबस में रखा गया है। यह कविता बच्चे 2006 से पढ़ रहे हैं।

एक IAS ने सबसे पहले जताई आपत्ति
ट्विटर पर सबसे पहले इस कविता को छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस ने ट्वीटकर आपत्ति जताई थी। इसके बाद कई यूजर्स ने भी इसे पाठ्यक्रम से हटाने को लेकर प्रतिक्रियाएं दी हैं। छत्तीसगढ़ कैडर के 2009 बैच के आईएएस अधिकारी अवनीश शरन ने इस कविता को अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा है.. ये किस सड़क छाप कवि की रचना है? कृपया इस पाठ को पाठ्यपुस्तक से बाहर करें।

--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here