– मुंहबोले मामा ने 3 साल की मासूम का रेप के बाद कर दिया था बेरहमी से कत्ल

बिहार, डीडीसी। मां के साथ ननिहाल गई एक तीन साल की नौनिहाल को उसके के ही मुंहबोले मामा ने अपने हवस का शिकार बना डाला। हवस मिटाने के बाद आरोपी ने बच्ची का बेरहमी से कत्ल कर दिया और लाश को खेत में फेंक कर फरार हो गया। पूरा मामला थाने में दर्ज हुआ। इधर, फरार आरोपी लंबे वक्त तक पुलिस से भाग नहीं सका और एक रोज धरा गया। इस मामले में अब दो साल बाद जाकर पीडि़त परिवार को न्याय मिला। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट के आरोपी को सजा-ए-मौत यानी फांसी की सजा सुनाई है। हालांकि अभी फसी की तारीख मुकर्रर नहीं की गई है। आरोपी रामलाल बिहार के समस्तीपुर जेल में बंद है। उसके खिलाफ समस्तीपुर के दलसिंहसराय थाने में धारा 376, 302 व 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। ढाई साल बाद इस मामले में ऐतिहासिक फैसला आया है।

क्या हुआ था 2 जून 2018 को
तीन साल की मासूम कुछ दिन पहले ही अपने ननिहाल पहुंची थी। बताया जाता है कि 2 जून 2018 को मासूम शौकिया घर में बंधी बकरी को खोल कर खेतों में चराने चली गई। तभी मुंहबोले मामा दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के बसरिया गांव निवासी राम लाल महतो की उस पर नजर पड़ गई और नीयत खराब हो गई। राम लाल बहाने से मासूम को कुछ दूर लेकर गया और मुंह दबा कर उसे अपने हवस का शिकार बना डाला। जब राम लाल को डर लगा कि मासूम की हालत देख कर उसका सारा कुकृत्य लोगों के सामने आ जाएगा तो उसने बेरहमी से मासूम का कत्ल किया और लाश ओल के खेत में फेंक कर फरार हो गया।

लोगों की नजरों से नहीं बच पाया
जब राम लाल मासूम को अपनी गोद में लेकर खेतों की ओर जा रहा था, तब कई लोगों ने उसे देखा, लेकिन यह अंदाजा नहीं लगा सके कि वह क्या करने वाला है। इस मामले में उजियारपुर गांव की रहने वाली बच्ची की मां ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले का कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ तो सभी प्रत्यक्षदर्शियों ने राम लाल महतो के खिलाफ बयान दिया। अभियोजन पक्ष ने कुल 8 गवाहों के बयान दर्ज कराए हैं और सभी ने घटना की पुष्टि की है।

वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये दी गई सजा
2 जून 2018 को इस घटना के बाद शनिवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट के आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। आरोपी राम लाल महतो समस्तीपुर कारावास में बंद है और बताया जा रहा है कि कोरोना काल की वजह से इस मामले की सुनवाई वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिये हो रही थी। शनिवार को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये ही आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई। दिल्ली में नौकरी करने वाले मृतका के पिता ने भी फैसले पर खुशी जाहिर की है।

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