– मुख्यमंत्री ने अधूरी 111 घोषणाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया
– मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने द्वारा घोषित योजनाओं की समीक्षा की

देहरादून, डीडीसी। उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने सोमवार को अपनी विकास योजनाओं को लेकर समीक्षा (review meeting) की। पिथौरागढ़ (Pithoragarh) , बागेश्वर (Bageshwar) और चंपावत (Champawat) के लिए की गईं उनकी 298 घोषणाओं में से 187 पूर्ण हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने शेष 111 घोषणाओं को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को पूरा करने में स्थानीय स्तर पर कोई समस्या है तो उसके समाधान के लिए संबंधित विधायकों से भी कोऑर्डिनेट किया जाए।

15 दिनों में प्रगति समीक्षा करें डीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि जो घोषणाएं लंबित हैं वह खुद हर माह उनकी समीक्षा करेंगे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को 15 दिनों में घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही सीएम ने घोषणा पोर्टल पर भी सभी घोषणाओं को अपडेट रखने को कहा है।

पिथौरागढ़ की 152 घोषणाओं में से 98 पूरी
सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि घोषणाओं को पूर्ण करने में स्थानीय स्तर पर समस्या के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विधायकों से भी समन्वय स्थापित किया जाए। सीएम ने निर्देश दिया कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पेयजल, आवागमन और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में बताया गया कि पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री की 152 घोषणाओं में से 98 पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें मुख्य रूप से बरम-कनार मोटर मार्ग, सिमल से नाग मोटर मार्ग, बनकोट से भट्टीगांव मोटर मार्ग के निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा कई पेयजल योजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। पिथौरागढ़ को पर्यटक शहर के रूप में विकसित करने के लिए 85 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत की गई है। बागेश्वर जिले में 58 घोषणाओं में से 36 पूर्ण हो चुकी हैं।

चंपावत की 88 योजनाओं में 53 पूरी
बैठक में बताया गया कि पिंडारी ग्लेशियर ट्रेकिंग मार्ग के दवाली में झूला पुल एवं सोराग से सुंदर ढूंगा तक नए ट्रेकिंग रूट का कार्य पूर्ण हो चुका है। चंपावत जिले में 88 घोषणाओं में से 53 पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें मुख्य रूप से जिला मुख्यालय का सौंदर्यीकरण, चंपावत एवं टनकपुर में आधुनिक शौचालयों का निर्माण, चंपावत में बस अड्डे का निर्माण एवं विभिन्न सडक़ों के नव निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं।

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