– कहा, पड़ोसी ने 20 बच्चे पैदा किए इसीलिए कोरोना संकट में उसे मिला 1 कुंतल राशन

रामनगर, डीडीसी। लो जी, रावत जी की जुबान एक बार फिर फिसल गई। पहले मोदी भगवान राम के समान, फिर फटी जींस और अब एक नया शिगूफा। सुनेंगे तो आप भी हैरत करेंगे। तो हुआ यूं कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत रविवार को नैनीताल जिले के रामनगर में विश्व वानिकी कार्यक्रम में पहुंचे थे। हाथ मे माइक आया तो सीएम कोरोना संकट में मुफ्त बांटे गए सरकारी राशन का जिक्र करने लगे और वो-वो बोल गए जिसे सुनकर लोगों के होश फाख्ता हो गए। सीएम ने कहा कि जब समय था तो आपने 2 बच्चे ही पैदा किए। 20 क्यों नहीं पैदा किए? अगर 20 किए होते तो 10 किलो नही 1 क्विंटल राशन मिलता। कहा कि कोरोना संकट के हमने चावल बांटे। जिसके 2 बच्चे थे उसको 10 किलो राशन दिया। जिसके 10 बच्चे थे उसको 50 किलो राशन दिया और लोगों ने राशन का ढेर लगा लिया।

“ज्यादा बच्चे पैदा किए होते तो ज्यादा राशन मिलता”
तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हर घर में पर यूनिट 5 किलो राशन दिया गया। 10 थे तो 50 किलो, 20 थे तो क्विंटल राशन दिया। फिर भी जलन होने लगी कि 2 वालों को 10 किलो और 20 वालों को क्विंटल मिला, लेकिन इस राशन से भी लोगों को ईर्ष्या होने लगी। लोगों को लगने लगा कि उन्हें 10 किलो ही राशन मिला। जबकि पड़ोसी को 1 कुंतल राशन मिल गया। बोले, जब बच्चे पैदा करने थे, तब 2 ही बच्चे पैदा किए और जबकि पड़ोसी ने 20 बच्चे पैदा कर दिए। जाहिर सी बात है कि 20 बच्चे पैदा करने वाले को ज्यादा राशन मिला। आपने भी ज्यादा बच्चे पैदा किए होते तो आपको भी ज्यादा राशन मिल जाता।

चावल स्टॉक किया और खरीदार ढूंढ लिया
सीएम तीरथ सिंह रावत यहीं नही रुके। सरकारी योजनाओं का ज्यादा लाभ लेने के लिए ज्यादा बच्चे पैदा करने की नसीहत देते के बाद उन्होंने कोरोना काल मे बांटे गए अनाज की तारीफ शुरू कर दी और एक बार जबान फिसल गई। तीरथ बोले, ऐसा चावल दिया कि लोगों ने खाया नहीं होगा। लोगों ने पेट भरने से बेहतर चावल को स्टोर करना भला समझा। लोगों ने स्टोर बना लिए और चावल बेचने के लिए खरीददार ढूंढ लिए। क्योंकि इतना बढ़िया चावल आज तक खुद नही खरीदे होंगे।

“मोदी की जगह कोई और होता तो पता नही भारत का क्या होता”
सीएम तीरथ सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि लॉकडाउन में पीएम ने अलख जगाई। अगर उनकी जगह कोई और नेतृत्व होता तो भारत का न जाने क्या होता। हम सब बेहाल हो जाते, लेकिन उन्होंने हमें राहत देने का काम किया। भारत की 135 करोड़ की आबादी का देश, आज भी अन्य देशों की अपेक्षा राहत महसूस करता है। अमेरिका भी कोरोना से बेहाल हो गया। 12 करोड़ की आबादी का देश इटली स्वास्थ्य सेवा में नंबर वन, लेकिन कोरोना के चलते इटली की हालत भी खस्ता है।अंत में उन्होंने कहा कि हाथ धोइए और मास्क लगाइए।

कांग्रेस ने बयान पर जताई आपत्ति
रामनगर में सीएम तीरथ सिंह रावत द्वारा कोरोना काल मे प्रभावितों को दी गई मदद के बयान पर फिर से कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सीएम तीरथ सिंह रावत के बयान को प्रभावितों के साथ मजाक बताया है। अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भी बयान की निंदा की। कहा, अब जनता के अच्छे दिन तो आए नही, लेकिन अब भाजपा के बुरे दिनों की शुरुआत हो चुकी है। जिस तरह से सीएम रोज नए बयानों को लेकर चर्चा में हैं, उससे भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा जनता को साफ-साफ नजर आ गया है।

पहले किया महिलाओं की फटी जींस पर कमेंट
आपको याद दिला दें कि इस बयान से पहले उन्होंने महिलाओं की फटी जींस पहनने को लेकर टिप्पणी की थी। उनकी इस टिप्पणी का देशभर में जगह जगह विरोध हुआ था। सीएम को घिरता देख उनकी पत्नी डॉ. रश्मि रावत को बचाव में आगे आना पड़ा था। तीरथ के बचाव में वीडियो जारी करते हुए उन्होंने कहा था कि तीरथ ने जिस संदर्भ में यह बात कही है, उसका गलत मतलब निकाला गया है। तीरथ ने कहा था कि, आज कल के युवा घुटनों पर फटी पैंट पहनकर खुद को बड़े बाप का बेटा समझते हैं। ऐसे फैशन में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं।

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