– वॉशिंगटन में इमरजेंसी के दरम्यान आई निवर्तमान प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के लिए दूसरी बुरी खबर

न्यूज डेस्क, डीडीसी। अमेरिकी चुनाव में हार बर्दास्त न कर पाने वाले निर्वतमान प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप वॉशिंगटन में हिंसा की वजह माने जा रहे हैं। हिंसा की वजह से वॉशिंगटन में इमरजेंसी लगा दी गई और तभी ट्रंप के लिए दूसरी बुरी खबर आ गई। इराक की एक अदालत ने दो नामचीन लोगों की हत्या के मामले में ट्रंप के खिलाफ बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी वॉरन्ट जारी किया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्या होगा अब ट्रंप के साथ।

ईरानी जनरल और मिलिशिया नेता की हुई थी हत्या
पिछले साल ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी और प्रभावशाली इराकी मिलिशिया नेता अबू माहदी अल मुहंदिस को एक ड्रोन हमले में मार दिया गया। हमला पिछले साल जनवरी में बगदाद हवाई अड्डे के बाहर हुआ। आपको याद होगा उस वक्त ट्रंप ने इस हमले पर अपनी पीठ थपथपाते हुए आरोप लगाया था कि दोनों अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की सक्रिय रूप से योजना बना रहे थे।

दोनों देशों के बीच तल्खी के बाद आया वॉरन्ट
अदालत के मीडिया कार्यालय ने कहा कि अमेरिका के ड्रोन और मौत संबंधित मामले में बगदाद की जांच अदालत के न्यायाधीश ने वारंट जारी किया। हमले के बाद अमेरिका और इराक के बीच राजनयिक संकट उत्पन्न हुआ और संबंधों में तल्खी आ गई। जिसके बाद ट्रंप पर हत्या के आरोप तय किए गए और गिरफ्तारी वॉरन्ट जारी कर दिया गया।

हमले के बाद ये था अमेरिका का बयान
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने सुलेमानी के मारे जाने के बाद एक बयान जारी किया था। जिसमें कहा था कि जनरल सुलेमानी इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की योजना बना रहे थे। जनरल सुलेमानी और उसका कुद्स फोर्स सैकड़ों अमेरिकियों और अन्य गठबंधन सहयोगियों के सदस्यों की न सिर्फ मौत की वजह है बल्कि हजारों लोगों को जख्मी करने के लिए भी जिम्मेदार हैं।

सही समय पर चली ईरान ने चाल
माना जा रहा है कि ट्रंप के खिलाफ यह ईरान का सोच समझ कर उठाया गया कदम है। आपको ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनी का वो ट्वीट तो याद होगा, जिसमे उन्होंने अबू माहदी और सुलेमानी को शहीद कहते हुए श्रद्धांजलि दी थी और लिखा था कि वह इसका बदला जरूर लेंगे। अब ट्रंप अमेरिका के प्रेसिडेंट नही रहे। उल्टा ट्रंप अब अमेरिकी हिंसा के आरोप में घिर चुके हैं। अगर आरोप सिद्ध हुए तो उन्हें अमेरिका में गिरफ्तार होना पड़ सकता है। ऐसे समय में ईरान की ओर से ट्रंप के खिलाफ वॉरन्ट जारी करना सवाल तो खड़े करता है।

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