– बांग्लादेश में मिली थी सजा-ए-मौत, एक लाख का था सिर पर इनाम

दिल्ली, डीडीसी। नाम है मासूम और बांग्लादेश का वासी है। इसने एक निर्मम कत्ल किया। अपहरण और कत्ल की इस वहशियाना वारदात को अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कत्ल के बाद इस मासूम कातिल ने लाश के कई टुकड़े किए और यहां वहां फेंक दिए। बांग्लादेश में इसे फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। गिरफ्तारी के लिए इसके सिर पर एक लाख का इनाम भी है। हालांकि इसे फांसी होती, इससे पहले ही कातिल भारत में दाखिल हो गया और यहां चुपचाप अंडरग्राउंड होकर रहने लगा। अब 10 साल बाद ये एक लाख का इनामिया दिल्ली एसटीएफ के हत्थे चढ़ा है। लोडेड गन के साथ इसे गिरफ्तार किया गया है। इसके पास से दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। जिसके बाद इसकी खबर बांग्लादेश दूतावास तक पहुंचा दी गई। इसके खिलाफ दिल्ली में आम्र्स एक्ट और फॉरन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

कोर्ट से ली बेल और भाग आया भारत
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि आरोपी का नाम मासूम उर्फ सरवर है। इसने वर्ष 2005 में अपने 4 साथियों के साथ बांग्लादेश में एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया। इन्होंने जहिदुल इस्लाम नाम के व्यक्ति का अपहर किया और उसे जान से मार डाला। कत्ल के बाद इन्होंने लाश के कई टुकड़े किए और फरार हो गए। फिर गिरफ्तारी हुई और केस चला। इस दौरान इसे अदालत से जमानत मिल गई और ये गैरकानूनी तरीके से भारत में दाखिल हो गया। इधर, बांग्लादेश में आरोपी पर इल्जाम साबित हुआ और मासूम को वर्ष 2013 में फांसी की सजा दे दी गई।

सजा से तीन साल पहले भागा कातिल
मासूम को पता था कि उसने जो भी किया है वह उससे बच नहीं सकता। कानून एक न एक दिन उसे उसके किए की सजा दे ही देगा। माना जा रहा है कि सच से वाकिफ मासूम ने जेल में रहने के दौरान ही बांग्लादेश से भागने की षडयंत्र रच लिया था। इसी साजिश के तहत उसने अदालत से जमानत ली और वर्ष 2010 में गैरकानूनी तरीके से भारत में दाखिल हो गया। इधर-उधर धक्के खाने के बाद मासूम दिल्ली आ पहुंचा और चुपचाप यहां अपना महफूज ठिकाना बना लिया।

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