– बीजापुर के स्थानीय पत्रकार को नक्सलियों में भेजी फोटो

बीजापुर, डीडीसी। नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद लापता कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह के अपहरण का दावा करने वाले नक्सलियों ने आज उनकी तस्वीर जारी की है। इतना ही नही, नक्सलियों ने जवान को छोड़ने के एवज में अपनी मांग भी रखी है। हालांकि अभी तक सरकार कोबरा कमांडो को लापता ही मान रही है। जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ बीते शनिवार को हुई थी। जिसमे 22 जवान शहीद हो गए थे और राकेश्वर सिंह का कुछ पता नही चला था। अब लगातार नक्सली बीजापुर के स्थानीय पत्रकार गणेश मिश्र के संपर्क में हैं और पत्रकार के जरिये ही अपनी बात पुलिस और सरकार तक पहुंचा रहे हैं।

घायल, लेकिन सुरक्षित है कमांडो
नक्सलियों ने पत्रकार गणेश को फोन कर कमांडो के सुरक्षित होने की जानकारी दी। नक्सलियों ने बताया कि कमांडो घायल है और उनका इलाज कराया जा रहा है। साथ उनकी रिहाई के लिए शर्त के बारे में भी बताया है। बुधवार सुबह उनके पास नक्सलियों का फोन आया था। नक्सलियों ने उन्हें बताया कि राकेश्वर सिंह उनके कब्जे में सुरक्षित हैं। नक्सलियों ने सबूत के लिए राकेश्वर सिंह की एक तस्वीर भी उन्हें भेजी है। फोटो में कमांडो नक्सलियों के कैंप में बैठे नजर आ रहे हैं।

4 नक्सलियों के मौत की बात भी कही
नकालियों ने फोन पर बताया कि जब उन्होंने हमला किया तो दूसरी ओर भी जवाबी गोलियां चलीं। जिसमें उनके 4 साथियों की भी मौत हुई है। जबकि अपनी मांग मनवाने के लिए वो एक कोबरा कमांडो को अपने साथ ले गए। वहीं दूसरी ओर लापता कमांडो राजेश्वर सिंह की पत्नी ने अपील की थी कि सरकार नक्सलियों की मांगें पूरी कर उनके पति की सुरक्षित रिहाई कराए।

रिहाई के लिए मध्यस्थ रखने की मांग
लापता होने के बाद से राकेश्वर सिंह की यह पहली तस्वीर है। नक्सलियों ने गणेश मिश्र से कहा कि सरकार उनसे बातचीत के लिए मध्यस्थों को भेजो, तभी कमांडो को छोड़ा जाएगा। नक्सलियों ने सबसे पहले सोमवार को लापता जवान के अपने कब्जे में होने का दावा किया था। इसके बाद मंगलवार को प्रेस नोट जारी कर उन्होंने फिर यही दावा किया था। अब उन्होंने कमांडो की पहली तस्वीर भेजी है। प्रेस नोट में नक्सलियों ने कमांडो की रिहाई से पहले मध्यस्थ नियुक्त करने की मांग सरकार से की थी।

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