– नही करना चाहिए था सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल : कौशिक

देहरादून, डीडीसी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बागेश्वर जाने के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया। सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा ने भी किया। अब भाजपा को अपनी भूल का एहसास हुआ है और अब भाजपा इसका हर्जाना भरने को भी तैयार है। कौशिक ने इसकी पुष्टि की और कहा कि हेलीकॉप्टर का खर्च भाजपा भरेगी। आपको बता दें कि सरकारी हेलीकॉप्टर और फिर बागेश्वर में गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद भाजपा एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर थी। इससे पहले कि विपक्ष मजबूत किलेबंदी करता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक खुद सामने आ गए और पूरे मामले का पटाक्षेप करने की कोशिश की।

बागेश्वर गए थे कौशिक और रेखा लखीमपुर खीरी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक 22 मार्च को देहरादून से सरकारी हेलीकाप्टर से बागेश्वर पहुंचे थे। यही नहीं, मंत्री न रहते हुए भी उन्हें वहां गार्ड आफ आनर दिया गया। इससे पहले भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने के लिए देहरादून पहुंची प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा 21 मार्च को सरकारी हेलीकाप्टर से लखीमपुर खीरी गई थीं। विपक्ष कांग्रेस ने इन मामलों को लपकते हुए भाजपा को निशाने पर लिया था।

हेलीकॉप्टर में मंत्री के साथ जाना था, लेकिन…
शुक्रवार को प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम की मौजूदगी में प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने इन मामलों पर सफाई दी। कहा, उन्हें एक मंत्री के साथ हेलीकाप्टर से बागेश्वर जाना था, लेकिन मंत्री सड़क मार्ग से वहां चले गए। विलंब न हो, तो वह हेलीकाप्टर से गए।

नही लेना चाहिए था गार्ड ऑफ ऑनर
कौशिक ने कहा कि उनके अलावा प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा की हेलीकाप्टर से यात्रा पर जितना भी खर्च हुआ है, उसे पार्टी देगी। बागेश्वर में उन्हें गार्ड आफ आनर दिए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि यह नहीं होना चाहिए। उन्हें भी इसका ध्यान रखना चाहिए था। कौशिक ने कहा कि ये गलती उनसे भी हुई है।

नाक का सवाल सल्ट में अब 3 नही 6 सदस्यीय टीम
विधानसभा उप चुनाव के लिए पहले सल्ट सीट में भाजपा ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। अब इस कमेटी में सदस्यों की संख्या 6 कर दी गई है। पहले इस कमेटी में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, राज्यमंत्री डा.धन सिंह रावत और भाजपा प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट थे। जबकि अब इस समिति में सांसद अजय भट्ट व अजय टम्टा और प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा को भी शामिल किया गया है। आपको बता दें कि सुरेंद्र सिंह जीना के निधन के बाद से सल्ट सीट खाली है और अब इस सीट को वापस अपनी झोली में लाना भाजपा के लिए सम्मान का सवाल बन चुका। वो भी तब जब कॉंग्रेस खुली चुनौती दे रही हो। ऐसे में भाजपा ने भी अपने वरिष्ठ नेताओं से सल्ट पर फोकस करने को कह दिया है।

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