कानपुर, डीडीसी। उत्तर प्रदेश के कानपुर अंधविश्वास का ऐसा घिनौना मामला सामने आया है, जिसे सुन और पढ़ कर आपका दिल दहशत और नफरत से भर जाएगा। एक निसन्तान दंपति ने अपनी सूनी कोख भरने के लिए किसी और की मासूम बच्ची का अपहरण करा दिया। उसे जान से मरवाया और फिर उसका फेफड़ा निकाल कर खा गए। ये सारा ज्ञान निसन्तान दंपति को रेलवे स्टेशन पर 10-10 रुपये में बिकने वाली तंत्र-मंत्र की पुस्तक से प्राप्त हुआ। पता यह भी लगा है कि मासूम बच्ची का कत्ल करने से पहले बलात्कार भी किया गया।
आरोपी परशुराम ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 1999 में हुई थी, लेकिन शादी के इतने साल बाद भी वह सन्तान सुख से महरूम थे। कई जगह से इलाज से भी कोई फायदा नहीं हुआ। एक दिन परशुराम रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां उसकी निगाह सड़क किनारे किताब बेचने वाले पर पड़ी। यहां से उसने तंत्रमंत्र की किताब खरीदी और उसे पढ़ना शुरू किया। किताब में लिखा था कि अगर किसी मासूम बच्ची के शरीर का अंग निसंतान महिला को खिलाया जाए तो वह महिला बच्चे को जन्म दे सकती है। इसलिए उसने 6 साल की मासूम का कत्ल कराया और पेट फाड़कर फेफड़ा निकलवाया। जिसे उसने अपनी पत्नी सुनैना को खिला दिया। परशुराम ने बताया कि लड़की का अपहरण दीपावली की रात घाटमपुर इलाके से आरोपी अंकुल कुरील (20) और बीरन (31) ने किया था। अपहरण उस वक्त किया गया जब बच्ची अपने घर से पटाखे खरीदने बाजार गई थी। अंकुल परशुराम का भतीजा और चाचा ने ही अपने भतीजे और उसके दोस्त को अपहरण करने, फेफड़ा निकालने के लिए राजी किया था। वारदात के वक्त अंकुल और बीरन नशे में थे। दरिंदे उसे जंगल में ले गए और मारने से पहले उसके साथ बलात्कार किया।

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