– बजट सत्र में असहज नजर आए त्रिवेंद्र कैबिनेट के कद्दावर मंत्री

गैरसैंण, डीडीसी। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में बजट सत्र शुरू है। मंगलवार को सरकार के बाहुबली पहलवान मैदान में थे। सरकार की ओर से मोर्चा लेने सबसे पहले कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को रिंग में उतारा गया, लेकिन ज्यादा देर तक वह दम नही दिखा पाए। फिर सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज विपक्ष का सामना करने आए, लेकिन विपक्ष के सवालों की पटकनी से वो भी चित हो गए। हालांकि इस बीच सरकार की ओर से कुछ साथी दोनों महारथियों की मदद भी कर रहे थे, लेकिन फिर भी दोनों कुछ नहीं कर सके। कुल मिलाकर चमोली स्थित विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के पहले प्रश्नकाल में ये साफ हो गया कि सरकार ठीक से होमवर्क करके नही आई थी।

प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को बंद नही कर सकते
पहला सवाल मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन का था। निजामुद्दीन ने पूछा, क्या सरकार ने राज्य के लिए भी कोई पर्यावरण नीति बनाई है‌? पर्यावरण नीति पर जवाब देने के बजाए हर पूर्व की व्यवस्थाओं का ब्योरा रखना शुरू कर दिया। बीच में यह भी कह दिया कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगो को बंद तो नहीं कर सकते, पर हमारी सरकार ने सख्ती बरतते हुए मानकों को पूरी तरह से लागू कराया है।

चैंपियन ने भी की खिंचाई
इसी बीच खानपुर विधायक प्रणव सिंह चैंपियन भी उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि मेरे क्षेत्र में ईट भट्टों की वजह से प्रदूषण बढ़ रहा है। क्या एयर मॉनिटरिंग उपकरण मेरे यहां भी लगाए जाएंगे?

फिर नेता प्रतिपक्ष ने कसा तंज
नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्दयेश ने तंज कसा कि आपने नया जलवायु मंत्रालय बना लिया, निदेशालय बना लिया, पर क्या कोई अलार्मिंग सिस्टम भी बनाया‌? चमोली में आपदा में इतने लोग मारे गए। ऐसे मंत्रालय का क्या करना जो किसी की जान न बचा सके।

हरक बोले, इंदिरा का सवाल पर्यावरण से संबंधित नही
जब नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हावी थीं तभी हरक ने कहा कि इंदिरा जी का सवाल पर्यावरण से संबंधित नहीं है और इतना कह कर वह बैठ गए। विस अध्यक्ष को अगले सवाल की ओर बढ़ते देख काजी ने कहा, मेरा तो सवाल ही रह गया?

सतपाल को मिल कर घेरा और ढेर किया
इन सबके बाद अब बारी थी सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की। उन्हें प्रीतम सिंह, विनेाद चमोली, केदार सिंह रावत, राजकुमार, धन सिंह नेगी, प्रीतम सिंह पंवार, राम सिंह कैड़ा ने घेरा और एक के बाद एक ताबड़तोड़ सवाल दागे। सतपाल से इतने सवाल किए गए कि वो चकरा गए।

महाराज बोले, आपको अलग से भेज देंगे सूचना
ऐसा लग रहा था कि सतपाल महाराज विपक्ष के सवालों से अजीज आ चुके हैं। उस पर प्रीतम सिंह और प्रीतम पंवार ने उन्हें और परेशान कर रहे थे। दोनों एक के बाद एक सवाल दाग कर उलझाया तो महाराज ने भी कह कि आपको अलग से सूचना भेज दी जाएगी।

अपनों ने घेरा और कौशिक ने की मदद
विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी बीच-बीच में अनुपूरक के रूप में सवाल दागते हुए अपने मंत्रियों की मुश्किल को बढ़ाए रखा। प्रश्नकाल में मंत्रियों को विपक्ष के सवालों में फंसते हुए संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य और सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की सहायता करते रहे। महाराज के पास जाकर उन्होंने जानकारियां साझा की।

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