– चिंता : सड़े-गले और कटे मानव अंगों से कैसे होगी मृतकों की पहचान

सर्वेश तिवारी, डीडीसी। चमोली आपदा की गाद में बहुत सारे लोग खो गए अब डर कि आपदा की इस गाद में गायब हुए लोग कहीं गुमनाम न रह जाएं। जिंदा तो अभी तक एक भी नही मिला, जो मिला वो मुर्दा… मुर्दा भी ऐसा कि सूरत देखकर पहचानना मुश्किल। कई दिनों तक मलबे में फंसी लाशों से अब बदबू आने लगी है और वो बुरी तरह फूल चुकी हैं। कई बार तो त्रासदी का शिकार लोगों के कटे हाथ-पैर पानी में तैरते देख बचाव दल के लोग भी सकते में आ गए। बावजूद इसके जिंदगी की खत्म होती उम्मीदों के बीच बचाव दल अब भी रेस्क्यू में जुटा है।

अब तक मिले 22 मानव अंग, डीएनए का आसरा
सड़ चुके और टुकड़ों में मिल रहे शवों के आधार पर लोगों की पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। अब तक अलकनंदा से 22 शारीरिक अंग बरामद किए जा चुके हैं। इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस की ओर से शरीर के अंगों के डीएनए सैंपल कलेक्टर किए जा रहे हैं। इसके बाद उनके परिजनों के सैंपल लिए जा रहे हैं।कई शव ऐसे हैं, जो फूल गए हैं या फिर उनके कुछ अंग गायब हैं। शवों के अलावा शरीर के अंग भी मिल रहे हैं, जैसे हाथ या फिर पैर।

मंगलवार तक मिल चुकी हैं 58 लाशें
7 फरवरी को ग्लेशियर फटने से आपदा आई थी। आपदा के बाद बाद से ही लगातार राहत कार्य जारी है और हर दिन मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। मंगलवार शाम तक मौतों का यह आंकड़ा 58 तक पहुंच गया। बुधवार को भी लाशों के मिलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। हालांकि समय गुजरने के साथ लाशों की हालत बेहद खराब होती जा रही है। उत्तराखंड की स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स के बचावकर्मियों को इस काम में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। रेस्पॉन्स फोर्स के 60 से 70 बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

58 में से 48 लाशें चमोली जिले में मिलीं
अब तक जो 58 लाशें बरामद की गई हैं, उनमें से 48 चमोली जिले से मिली हैं। इसके अलावा 7 शव रुद्रप्रयाग, दो पौड़ी गढ़वाल और एक टिहरी गढ़वाल जिले से बरामद किया गया है। 11 शव 1.7 किलोमीटर लंबी सुरंग से निकाले गए हैं, जहां अब भी बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। कीचड़ भरे पानी से शवों को तलाशना बेहद मुश्किल काम है। कई मामले तो ऐसे भी हैं, जब बचावकर्मियों को शव को लेकर आधे से एक किलोमीटर तक जाना पड़ा है। यह काम बेहद कठिन और हिम्मत से भरा है।

206 लोग लापता, 146 की लाशें मिलीं
इस आपदा के बाद से 206 लोग लापता हैं, जिनमें से अब तक 146 शव बरामद किए जा चुके हैं। आशंका है कि लापता लोगों में से ज्यादातर की मौत हो चुकी है। चमोली, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में शवों की तलाश में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। आपदा वाली जगह पर एसडीआरएफ के बचावकर्मी लगातार तलाश में जुटे हैं। पानी अधिक जमा होने के चलते कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। शवों की तलाश में बायनोक्युलर की मदद भी ली जा रही हैं।

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