– लगभग 125 लोग लापता, केंद्र और राज्य सरकार की नजर

चमोली, डीडीसी। उत्तराखंड (Uttrakhand) के चमोली (Chamoli) में ग्लेशियर (Glacier) टूटने से डैम (Dam) टूटा और नदी (River) में उफान आ गया। इस आपदा की चपेट में आए 10 लोगों की लाशें (Dead Body) नदी के मलबे से निकली जा चुकी हैं। जबकि 200 सौ से अधिक लापता (Missing) लोगों की तलाश में सर्च अभियान रविवार शाम ढलने के बाद भी जारी रहा। माना जा रहा है कि आपदा में लापता लोगों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। इस घटना पर राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार ने भी पूरी नजर बनाए हुए है।

मृतकों को 6 लाख, घायलों को 50 हजार मुआवजा
उत्तराखंड में आई तबाही के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार मुआवजे का एलान किया है। जबकि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मृतकों के परिवार वालों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की बात कही है।

CM बोले, 125 लोग लापता
चमोली जिले में रविवार को हिमखंड के टूटने से अलकनंदा और इसकी सहायक नदियों में अचानक आई विकराल बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नदी के बहाव में कमी आई है जो राहत की बात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चमोली आपदा में सवा सौ के आसपास लोग लापता हो सकते हैं।

150 लोगों की मौत का अनुमान
चमोली जिले के जोशीमठ में रविवार को नंदादेवी ग्लेशियर के एक हिस्से के टूट जाने से धौली गंगा नदी में विकराल बाढ़ आई और पारिस्थितिकीय रूप से नाजुक हिमालय के हिस्सों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के एक प्रवक्ता ने तपोवन-रेनी में एक विद्युत परियोजना प्रभारी को उद्धृत करते हुए कहा कि परियोजना में काम करने वाले 150 से अधिक मजदूरों की मौत की आशंका है। अभी तक आईटीबीपी ने 10 शव को बरामद किया है और 16 लोगों को बचाया है।

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