– सीएम की 92 प्रतिशत सासंद निधि बाकी, निशंक खर्च ही नही कर पाए

नैनीताल, डीडीसी। त्रिवेंद्र सिंह रावत की चौंकाने वाली विदाई और उससे भी हतप्रभ करने वाली खबर तीरथ सिंह रावत को सूबे के नया मुख्यमंत्री बनाया जाना। CM बनने के बाद अपने बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने रहने वाले तीरथ सिंह रावत को लेकर अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है और ये खुलासा हुआ है एक RTI के जरिये। आरटीआई से मिले जवाब के मुताबिक वर्ष 2019-20 की सांसद निधि तीरथ सिंह रावत खर्च ही नही कर पाए। तीरथ को जारी सांसद निधि का 92 प्रतिशत वैसे का वैसे ही पड़ा है। जबकि मुख्यमंत्री तीरथ अपने संसदीय इलाके पर दिसम्बर तक महज 8 प्रतिशत धनराशि ही खर्च पाए हैं। जबकि हरिद्वार सांसद व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियल निशंक की कोई भी धनराशि खर्च नहीं हो पाई।

सांसद अजय टम्टा ने खर्च करने में सबसे आगे
अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा सांसद निधि खर्च करने में सबसे आगे हैं। अजय टम्टा को 250.23 लाख की सांसद निधि स्वीकृति हुई। दिसम्बर 2020 तक 89 प्रतिशत 223.75 लाख की सांसद निधि खर्च हुई है।

पोखरियाल पहले भी नही खर्च पाए थे निधि
हरिद्वार सांसद व केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री डा. रमेश पोखरियाल को 2019-20 में 250 लाख की सांसद निधि मिली, जो खर्च नहीं हुई है। इतना ही नहीं इनके पिछले कार्यकाल की 10 प्रतिशत 71.25 लाख की धनराशि भी खर्च होने को शेष है।

सीएम को मिली 250 लाख की निधि
पौड़ी सांसद व वर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को 2019-20 की 250 लाख की सांसद निधि मिली है। जिसमें से केवल 8 प्रतिशत 20.25 लाख की धनराशि ही दिसम्बर 2020 तक खर्च हो सकी है।

राज लक्ष्मी ने खर्च की 77 प्रतिशत निधि
टिहरी सांसद राजलक्ष्मी शाह को 2019-20 में 250 लाख की सांसद निधि उपलब्ध हुई है। जिसमें से 77 प्रतिशत 192.46 लाख की धनराशि खर्च हो चुकी है।

अजय भट्ट ने 61 प्रतिशत खर्च किया
नैनीताल सांसद अजय भट्ट को ब्याज सहित 251.21 लाख की सांसद निधि उपलब्ध हुई है जिसमें से 61 प्रतिशत 152.61 लाख की सांसद निधि दिसम्बर 2020 तक खर्च हो सकी है।

प्रदीप टम्टा ने 86 प्रतिशत खर्च किए
राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा को 2016-17 में 2019-20 तक ब्याज सहित 1513.11 लाख की सांसद निधि उपलब्ध हुई है। जिसमें से 86 प्रतिशत 1302.30 लाख की सांसद निधि दिसम्बर 2020 तक खर्च हो चुकी है।

बलूनी ने खर्च किया सिर्फ 20 प्रतिशत
राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को 2018-19 की ब्याज सहित 504.22 लाख की सांसद निधि स्वीकृति हेतु उपलब्ध हुई है। जिसमें से 20 प्रतिशत 102.22 लाख की धनराशि ही दिसम्बर 2020 तक खर्च हो सकी है।

नई निधि मिली नही और पुरानी भी बच गई
काशीपुर निवासी अधिवक्ता नदीमउद्दीन ने ग्राम्य विकास आयुक्त, उत्तराखंड से सांसद निधि खर्च सम्बन्धी सूचना मांगी थी। पता लगा कि उत्तराखंड के सांसदों की 2021 के शुरुआत में में 32.20 करोड़ की सांसद निधि खर्च होने को शेष है। इसमें 17.68 करोड़ की सांसद निधि लोकसभा सांसदों तथा 14.52 करोड़ की सांसद निधि राज्य सभा सांसदों की शामिल है। यह हाल तब है जब वर्ष 2020-21 व 2021-22 की सांसद निधि भारत सरकार द्वारा स्थगित किए जाने के कारण किसी सांसद को मिली ही नहीं है।

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