– लखनऊ में बैकुंठ धाम का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई सरकार

भरत गुप्ता, लखनऊ। पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और फिर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद लखनऊ के बैकुंठ धाम का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो देर रात का था, जिसमें घाट पर अनगिनत लाशें जलती दिखाई दे रही थीं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना से होने वाली मौतों के आक ड़े छिपाने में जुट गई और बैकुंठ धाम के सामने दीवार खड़ी कर दी। ताकि मौतों के वास्तिवक आंकड़ों को छिपाया जा सके।

सरकार की नाकामियों पर नगर निगम ने डाला पर्दा

भैंसाकुंड बैकुंठ धाम को सडक़ की ओर से कवर किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम टीन की ऊंची-ऊंची दीवार खड़ी कर दी है। बैकुंठ धाम में क्या हो रहा है, ये सब पहले लोग सडक़ से ही देख सकते थे, लेकिन अब दीवार खड़ी होने के बाद ऐसा नहीं हो पाएगा। दीवार खड़ी करने का काम जलती चिताओं का वीडियो वायरल होने के बाद किया गया। जिसके बाद अफसरान में खलबली मची और नगर निगम ने आनन-फानन में सरकार की नाकामी को छिपाने के लिए दीवार खड़ी कर दी।

ऐशबाग में दो गुनी हुई कब्र खोदने वालों की संख्या

कोरोना से मरने वालों के सही आंकड़े सरकार जारी नही कर रही है, लेकिन लाशों को छिपाना इतना भी आसान नहीं है। हिंदू धर्म में सूर्यास्त के बाद दाह संस्कार नहीं किया जाता, लेकिन सरकार ये भी कर रही है। अब बात करें लखनऊ के ऐशबाग कब्रगाह की तो यहां औसतन रोजाना 7 से 8 लाशें आती थीं, लेकिन अब यहां 25 से 30 लाशें रोज आ रही हैं। इतनी बड़ी संख्या में लाशों के आने की वजह से कब्र खोदने वालों की कमी हो गई। जिसके बाद कब्रगाह में कब्र खोदने वालों की संख्या दो गुनी कर दी गई है।

कानपुर में 4-4 शिफ्टों में काम कर रहे कोरोना वॉरियर्स

उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कोरोना वॉरियर्स को कई-कई शिफ्टों में काम करना पड़ रहा है। बानगी के तौर पर आप कानपुर जिले के सबसे बड़े अस्पताल लाला लाजपत राय को देख सकते हैं। यहां मरीजों की आमद इतनी है कि अस्पताल के कर्मचारियों को 4-4 शिफ्टों में काम करना पड़ रहा है। इसकी एक वजह अस्पताल में स्टाफ की कमी भी है। हॉस्पिटल में बेड नही है और ऑक्सिजन सिलेंडर ढूंढे नहीं मिल रहे।

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