– तीसरी लहर रोकने का एकमात्र उपाय है सम्पूर्ण लॉकडाउन

सर्वेश तिवारी, डीडीसी। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 4 लाख 13 हज़ार नए मामले सामने आए और एक दिन में 3980 मौतें। पिछले आठ दिनों से रोज़ाना 3 हजार से अधिक लोगों की जान जा रही है। भारत में ये दूसरी लहर का असर है और इस लहर में सबसे ज्यादा मौतें युवाओं की हो रही। वजह कि कोरोना से जंग में युवा बिना वैक्सीन के लड़ रहे हैं। अब तीसरी लहर आने वाली है और वो इससे भी खतरनाक है। वैज्ञानिकों की मानें तो तीसरी लहर में बच्चे कोरोना के निशाने पर होंगे। एक अंदाजा लगाइए कि जिस देश में अभी तक युवाओं को ही टीका न लगाया गया हो, वहां तीसरी लहर से पहले बच्चों के टीकाकरण के बारे में सोचना भी खुद को धोखा देने से कम नही है। आपको बता दें कि दूसरी लहर को लेकर एक अमेरिकी यूनिवर्सिटी का अनुमान है कि 10 मई के बाद भारत में हर रोज 5 हजार लोग मरेंगे और रफ्ता-रफ्ता ये सच भी साबित हो रहा है।

तीसरी लहर पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित
गुरुवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने भी तीसरी लहर को लेकर चिंता जता ही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार को अभी से तैयारी करनी होगी, क्योंकि अगर तीसरी लहर बच्चों पर असर डालती है तो बच्चों का इलाज, उनके मां-बाप का क्या होगा, ये सब सोचना होगा। साथ ही डॉक्टर्स, नर्स का बैक-अप प्लान भी तैयार करके रखना होगा।

नहीं रोकी जा सकती कोरोना की तीसरी लहर!
केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने अलर्ट किया है और कहा है कि नहीं कोरोना की तीसरी लहर को नही रोका जा सकता। कहा, वैक्सिनेशन के बाद भी वायरस रूप बदलेगा और आज देश जिस स्थिति में पहुंच गया है उसकी वजह बचाव के कदमों में ढिलाई बरतना है। भारत में कोरोना की तीसरी लहर का आना निश्चित है, हालांकि ये कब आएगी इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।

पूर्ण लॉकडाउन पर विचार कर रही मोदी सरकार
भारत में कोरोना की दूसरी लहर तबाही मचा रही है, ऐसे में क्या भारत सरकार संपूर्ण लॉकडाउन लगाने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया गया है। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नेशनल लॉकडाउन के ऑप्शन पर भी चर्चा चल रही है। वीके पॉल का बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि वह नेशनल कोविड-19 टास्क फोर्स के हेड हैं।

उठ रही है संपूर्ण लॉकडाउन की मांग
भारत में जब से कोरोना की दूसरी लहर ने अपना असर दिखाना शुरू किया है, तब से राजनीतिक हल्कों के साथ एक्सपर्ट्स की ओर से भी नेशनल लॉकडाउन को लेकर आवाज़ उठनी शुरू हो गई। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी संपूर्ण लॉकडाउन की मांग कर चुके हैं।

अमेरिकी एक्सपर्ट ने भी किया अलर्ट
अमेरिका के टॉप हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. एंटनी फाउची भी कह चुके हैं कि भारत को मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए अपनी तमाम ताकत को झोंक देना होगा। अगर लॉकडाउन लगा जाता है, तो वह ट्रांसमिशन की रफ्तार को रोकेगा, ऐसे वक्त में सरकार को अपनी पूरी तैयारी करनी चाहिए।

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