– लखनऊ में CM योगी और मंत्रियों के लिए अस्पताल के 150 बेड बुक

भरत गुप्ता, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब कोरोना बेकाबू है। शमशान में शव दाह की जगह नही है, अस्पतालों में बेड नही है। कोरोना की मारी जनता का जमीन पर जनता का उपचार चल रहा है। चाहिए कि सरकार जनता के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दे, लेकिन यहां तो सरकार अपनी ही जान सलामती का इंतजाम करने में जुटी है। फिर कोई इलाज के अभाव में मर जाए तो सरकार की बला से। dakiyaa के सूत्रों से फिलहाल तो ऐसी ही खबर आ रही है और खबर पुख्ता है। वजह कि कोरोना पीड़ित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए SGPGI में बेड रिजर्व कर दिया गया है।

तीसरी मंजिल पर लगा CM का बेड
सीएम योगी की सेहत को लेकर एसजीपीजीआई अलर्ट मोड पर है। बुधवार को सीएम योगी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। हालांकि इससे पहले ही उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया था। पीजीआई में सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए बेड रिजर्व किया गया है। जो तीसरे फ्लोर पर राजधानी कोरोना वार्ड में है।

इतने सारे बेड खाली, फिर भी मारामारी
dakiyaa के सूत्रों से खबर आई है कि कम से कम अभी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तो बेड की कमी नही है। बावजूद इसके बीमारों को अस्पताल में बेड नसीब नही हो रहे। सूत्र कहते है कि शताब्दी के 5वें फ्लोर पर 30 बेड खाली हैं। 50 बेड बैडमिंटन कोर्ट में खाली हैं। जबकि अन्य स्थानों पर 20 और बेड खाली हैं, लेकिन ये जनता के लिए नही हैं। बल्कि इन्हें माननीयों के लिए रिजर्व रखा गया है।

10 जिलों में रात 8 से सुबह 7 बजे तक कर्फ्यू
कोरोना को लेकर अब योगी सरकार एक्शन में नजर आ रही है। आज उन्होंने नाइट कर्फ्यू को लेकर आदेश जारी किए हैं। जिसके तहत लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, गोरखपुर सहित 2,000 से अधिक एक्टिव केस वाले सभी 10 जनपदों में रात्रि 08 बजे से प्रातः 07 बजे तक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री का ये आदेश आज से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि हर हाल में नियमों का पालन कराया जाए।

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