– भेल के रिटायर्ड एजीएम की हुई थी कोरोना से मौत

हरिद्वार, डीडीसी। कोरोना महामारी आपदा बन कर टूट रही है और कुछ नामुराद लोगों ने इस आपदा को अवसर बना लिया है। ताजा मामला हरिद्वार से सामने आया है। जहाँ एक लाश को 36 घंटे एम्बुलेंस फ्रीजर में रखने और 3 किमी दूर घाट तक कोरोना डेड बॉडी को ले जाने के लिए चालक ने 80 हजार रुपये मांग लिए। मजबूरी का फायदा उठाने वाले इस नामुराद एम्बुलेंस चालक के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्यवाही की है। ये डेड बॉडी भेल (BHEL) के रिटायर्ड AGM की थी।

विदेश में था बेटा, इसी का फायदा उठाया चालक ने
पुलिस के मुताबिक, हरिद्वार के दीप गंगा अपार्टमेंट सिडकुल निवासी भेल के रिटायर्ड एजीएम कोरोना से ग्रसित थे। गुरुवार दोपहर उनका देहांत हो गया। पत्नी ने शव को एम्बुलेंस के फ्रीजर में रखवा दिया। इसके लिए 24 हजार नगद एम्बुलेंस चालक को दिए गए। सौदा 80 हजार में हुआ था। इस सौदे में शव को 3 किमी दूर घाट तक ले जाना भी शामिल था। चूंकि एजीएम का बेटा विदेश में नौकरी करता है तो बेटे के इंतजार के लिए शव को फ्रीजर में रखा गया था। शनिवार को बेटा हरिद्वार पहुंचा और जिला अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस से पिता के शव को चंडीघाट स्थित श्मशान घाट लेकर पहुंचा।

घाट पर पहुंचे SDM, चालक के हुए होश फाख्ता
घाट पर पहुंचते ही एम्बुलेंस चालक ने 56 हजार रुपये की डिमांड कर दी। यह सुन बेटा दंग रह गया। अंत्येष्टि में शामिल लोगों ने एंबुलेंस चालक से बात की, लेकिन चालक 56 हजार लेने पर अड़ गया। तभी किसी काम से एसडीएम गोपाल चौहान घाट पर पहुंच गए। लोगों ने उन्हें मामले की जानकारी दी। जिनके बाद एम्बुलेंस चालक के होश फाख्ता हो गए।

एम्बुलेंस सीज, मुकदमे की तैयारी
एसडीएम को जब ये पता लगा कि चालक ने शव को एम्बुलेंस फ्रीजर में 46 घंटे रखने और महज 3 किमी दूर मौजद घाट तक शव ले जाने के एवज में 80 हजार रुपये मांगे तो उनके भी होश फाख्ता हो गए। एसडीएम ने फौरन आरटीओ को मौके पर बुलाया और एम्बुलेंस को सीज करा दी। एसएसआई नंदकिशोर गवारी ने बताया कि एम्बुलेंस को सीज किया गया है। लिखित शिकायत मिलते ही पुलिस मुकदमा भी दर्ज कर लिया जाएगा।

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