– कानपुर देहात में माती का ट्रामा सेंटर कोविड कचरे से डंप हुआ

भरत गुप्ता, लखनऊ (डीडीसी)। हाहाकारी कोरोना को काबू करना तो दूर, योगी सरकार इसकी तेज रफ्तार पर लगाम नहीं लगा पा रही। अगर सीधे शब्दों में कहा जाए तो यूपी में खुद सरकार ही कोरोना का विस्तार करने में लगी है तो गलत नहीं होगा। इसका जीता जागता उदाहरण है देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश और इस प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर। दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी का अनुशरण करने वाली इस सरकार के ट्रामा सेंटर का वायरल वीडियो देखिये। कोविड सेंटर में तब्दील किए गए कानपुर देहात के माती ट्रामा सेंटर को कोविड कचरे से भर दिया गया है और वो भी तब जबकि इस सेंटर में कोविड पेशेंट एडमिट हैं। यही हाल रहा तो हारेंगे हम और जीतेगा कोरोना।

क डाक्टर और एक फार्मासिस्ट के भरोसे सेंटर

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसे एक बीमार के तीमारदार ने ही बनाया है। वीडियो वायरल कर रहा ये शख्स कोविड सेंटर के कोने-कोने से सरकार को वाकिफ करा रहा है। वो दिखा रहा है कि किस कदर सेंटर के अंदर और बाहर पीपीई किट, गल्ब्स समेट कोरोना से बचाने वाली सामग्री बिखरी पड़ी है। ये सामग्री इस्तेमाल की जा चुकी है, इसलिए घातक है। इन सबके बीच खास बात यह है कि इस सेंटर में केवल ही चिकित्सक है और उसकी मदद के लिए एक फार्मासिस्ट। इसके अलावा सेंटर में चपरासी और सफाई कर्मचारी तक नहीं हैं।

 

खुद ऑसीजन सिलेंडर ढो रहे डाक्टर, फार्मासिस्ट
आखिर एक चिकित्सक का काम क्या होगा। जाहिर है बीमार को दवा देना और उसकी जान बचाने की हर संभव कोशिश करना। इस सेंटर में तैनात इकलौते डाक्टर यही कर रहे हैं। वो न सिर्फ बीमारों को दवा दे रहे हैं, बल्कि जब ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो फार्मासिस्ट की मदद से खुद ऑक्सीजन सिलेंडर भी ढोते हैं। जबकि एक कोविड सेंटर ये काम एक वार्ड ब्वाय का होता है। खैर, योगी सरकार के दावे बड़े-बड़े हैं, लेकिन जमीनी हकीकत से परे हैं।

 

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