– हल्द्वानी की महिला कारोबारी से बोला कातिल, नही दिए रुपये तो कत्ल कर देगा उसके बच्चे

हल्द्वानी, डीडीसी। शहर में सनसनी थी और वजह थी 50 लाख की रंगदारी (extortion). शहर की एक बड़ी महिला कारोबारी रीता खंडेलवाल के पास रंगदारी के लिए फोन आता है। बदमाश (Criminal) कहता है कि अगर उसे पैसे न मिले तो वो बच्चों को मार (Kill) डालेगा। पुलिस खबर फैलते ही जांच में जुट गई और फिर जो सामने आया वो और भी हैरत भरा था। महिला करोबारी को ये फोन सितारगंज जेल (Central Jail Sitarganj) में एक सज़ायाफ्ता मुज़रिम राहुल राठौर ने किया था और पूरे षड्यंत्र के तहत। फिलहाल मुख्य आरोपी तो पहले से ही सलाखों के पीछे है, जबकि उसके अन्य 5 साथियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। मामला उत्तराखंड (Uttrakhand) में नैनीताल (Nainital) जिले के हल्द्वानी (Haldwani) शहर का है।

अखबार से मिला कातिल को नया शिकार
पूरे मामले में षड्यंत्र की शुरुआत होती है 24 जनवरी अखबार में छपे एक विज्ञापन से। दरअसल, पालम सिटी रामपुर रोड हल्द्वानी की रहने वाली रीता ने अपने पति स्व पंकज खंडेलवाल की बरसी का अखबार में एक विज्ञापन छपवाया था। रीता नैनीताल रोड स्थित जय गुरु ज्वैलर्स की मालकिन हैं और विज्ञापन में उनका मोबाइल नम्बर भी था। राहुल को लगा कि एक बरसी के विज्ञापन पर जब इतना खर्च हो सकता है तो 50 लाख आराम से मिल जाएंगे। हालांकि ऐसा हुआ नही।

फिर षड्यंत्र से शामिल हुए 5 और चेहरे
खेड़ा रुद्रपुर निवारि राहुल राठौर पुत्र श्याम चरण ने इस षड्यंत्र में अपने भाई दीपक राठौर के साथ दो महिला मित्रों को शामिल किया। जिसमें शिवपुरी दमुवाढूँगा थाना काठगोदाम अंकिता व आगरा उत्तर प्रदेश निवासी अंजलि को शामिल किया। जबकि दीपक ने रामपुर उत्तर प्रदेश के नरेंद गंगवार व खेड़ा रुद्रपुर निवासी महेंद्र सिंह गंगवार को शामिल किया। इन्हीं दोनों ने वो फर्जी सिम कार्ड मुहैया कराए, जिससे जेल के भीतर से राहुल ने फोन किया था।

जेल के भीतर ऐसे रची गई पूरी साजिश
राहुल से जेल में मिलने के लिए अक्सर उसकी महिला मित्र अंजलि और अंकिता आते रहते थे। इन्हीं के जरिये अखबार में छपा विज्ञापन राहुल तक पहुंचा। फिर राहुल ने इन्हीं से मोबाइल और फर्जी सिम का जुगाड़ करने को कहा और कहा कि इस काम में उसका भाई दीपक मदद करेगा। नरेंद्र और महेंद्र छतरी लगा कर बाजार में सिम बेचते थे और दीपक के दोस्त थे। इन्होंने सिम का जुगाड़ कराया। फिर दोनों महिला मित्रों ने मोबाइल और सिम खाने-पीने के समान में छिपा कर जेल तक पहुंचा दिया। जिसे काम होने के बाद राहुल ने जेल में ही डिस्ट्रॉय कर दिया।

एक तीर से साधे थे दो शिकार
राहुल ने जब रीता को फोन किया तो उसने अपना असली नाम नही बताया। उसने कहा कि वो दल्लू बोल रहा है। दल्लू एक शातिर अपराधी है और राहुल का पुराना दुश्मन। दोनों काफी समय से केन्दीय कारागार सितारगंज में कैद हैं और जेल में भी दोनों के बीच झगड़े होते रहते हैं। राहुल ने इसी वजह से दल्लू का नाम लिया कि अगर पुलिस को पता लगता है कि फोन जेल से आया तो वह यहां तफ़्तीश के जरूर आएंगे। ऐसे में दल्लू का नाम पुलिस के जहन में पहले से ही होगा और जब जेल में दल्लू मिलेगा तो पुलिस के हत्थे चढ़ जाएगा। क्योंकि केवल लोकेशन ट्रेस करने से ये कभी पता न लगता कि फोन राहुल ने किया था या दल्लू ने।

पड़ोसी को बनाया मोहरा और पकड़े गए
नरेंद्र और महेंद्र बाजार में छतरी लगा कर सिम बेचते हैं। जब दीपक ने इनसे फर्जी सिम के लिए संपर्क किया तो इन्होंने अपने पड़ोसी को ही मोहरा बना लिया। पड़ोसी दुर्गापाल की बगल में मोजे की दुकान है और एक रोज दुर्गापाल का सिम बन्द हो गया। दुर्गापाल ने नरेंद्र व महेंद्र से ये बात साझा की तो उन्होंने नम्बर पोर्ट कराने की सलाह दी। जब दुर्गापाल मान गया तो उसका अंगुलियों का बायोमैट्रिक और फोटो ले ली और दीपक को दुर्गापाल के नाम सिम जारी कर दिया। तलाश में जुटी पुलिस जब दुर्गापाल के पास पहुंची तो सारा भांडा फुट गया।

राहुल को अब जेल से निकलेगी पुलिस
मामले का खुलासा करते हुए आज एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी ने बताया कि राहुल अभी जेल में और कोर्ट की इजाजत के बाद राहुल को जेल से निकाल कर रिमांड पर लिया जाएगा। राहुल हत्या के मामले में आजीवन कारावास भोग रहा है। फिलहाल उसके साथी अभियुक्त दीपक राठौर, महेन्द्र सिंह गंगवार, नरेन्द्र सिंह गंगवार को अंकिता व अंजली को गिरफ्तार किया गया है।

रीता के पति को भी अपनों ने कत्ल कराया
ये बात करीब 12 साल पुरानी है। तब जय गुरु ज्वैलर्स की गद्दी रीता के पति पंकज खंडेलवाल संभालते थे। बताया जाता कि कुछ करीबी रिश्तेदार पंकज से जानी दुश्मनी रखते थे। एक रात पंकज शोरूम से घर के लिए निकले। वो शोरूम बढा रहे थे, तभी हथियारबंद लोगो ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। इस गोलीबारी में पंकज की मौत हो गई। जिसके बाद से शोरूम रीता ही संभालती हैं।

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