– हल्द्वानी उपकारागार में बंदी की मौत मामले में सीबीआई के हाथ लगे अहम सुराग

हल्द्वानी, डीडीसी। बेटी के साथ छेड़छाड़ के मामले में कैदी की जेल पहुंचने के दूसरे ही दिन मौत हो जाती है। इस मौत का इल्जाम जेल प्रशासन और बंदी रक्षकों पर लगता है। इस मामले की तफ्तीश पुलिस से छीन कर सीबीआई को सौंपी गई और अब कातिल की तलाश में सीबीआई हल्द्वानी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुकी है। गुरुवार को तकरीबन 10 घंटे तक सलाखों के पीछे पड़ताल चली और सूत्रों की मानें तो इस मामले में सीबीआई के हाथ अहम सुराग लगे हैं।

तीसरी बार सलाखों के पीछे पहुंची सीबीआई
मामले में पुलिस के लचर रवैये पर कोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपी। गुरुवार को सीबीआई तीसरी बार जेल पहुंची। टीम ने न सिर्फ जेल के दस्तावेज खंगाले बल्कि बंदियों व बंदी रक्षकों से भी बारी बारी पूंछताछ की। सूत्र बताते हैं कि टीम को बंदी रक्षकों के बयानों में विरोधाभास मिला है। हल्द्वानी जेल अधीक्षक एसके सुखीजा की मानें तो गुरुवार को सुबह 10 बजे से रात 8 बजे सीबीआई ने जेल में पड़ताल की।

6 मार्च को मौत, पुलिसिया तफ्तीश और नतीजा सिफर
बीते 6 मार्च 2021 को काशीपुर में रहने वाले एक बंदी की जेल में मौत हो गई थी। सबसे पहले इस मामले का खुलासा जेल से छूटे सितारगंज निवासी राहुल श्रीवास्तव ने काशीपुर आकर मृतक की पत्नी को बताया था कि जेल में बंदी रक्षकों की पिटाई के कारण उसके पति की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने जांच के नाम पर पीड़ितों को 3 महीने घुमाया और ये अदालत ने भी माना। अदालत के दखल पर मुकदमा एयर जांच सीबीआई को दी गई।

बेटी के साथ की थी छेड़छाड़, बीवी ने लिखाया था मुकदमा
विचाराधीन कैदी को उसकी पत्नी की शिकायत पर गाली-गलौज, मारपीट और बेटी के साथ छेड़छाड़ के मामले में चार मार्च को गिरफ्तार किया गया था। जेल पहुंचने के दो दिन बाद पुलिस अभिरक्षा में हल्द्वानी उप कारागार में उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद पत्नी ने जेल प्रशासन सहित पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। इस मामले में हल्द्वानी उपकारागार के बंदी रक्षकों समेत चार के खिलाफ अभियोग दर्ज है।

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