– डॉक्टर्स का सीएमओ के खिलाफ हल्लाबोल

चम्पावत, डीडीसी। कोरोना महामारी काल में कोरोना को मात देने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी फ्रंट लाइन वॉरियर यानी डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ पर है। अचंभे की बात ये है कि यही फ्रंट लाइन वॉरियर कोरोना टीकाकरण से महरूम रह गए और इसका आरोप सीएमओ चम्पावत पर है। हालांकि सीएमओ इस आरोप से कन्नी काटते नजर आ रहे हैं।

तीन दिन पूर्व शुरू हुआ टीकाकरण
कोविड 19 महामारी को हराने के लिए तीन दिन पूर्व शुरू हुए टीकाकरण अभियान में जिला अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मचारियों के नाम न होने से अस्पताल स्टाफ में आक्रोशित है। सोमवार को जिला अस्पताल के डॉक्टर्स ने सीएमओ के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया।

इतने लोगों के नाम नही आए सूची में
पीएमएस डॉ. आरके जोशी की माने तो कोविड का टीका लगाने के लिए जिला अस्पताल के 109 कर्मचारियों के नाम सीएमओ कार्यालय भेजे थे और जब ये सूची वापस आई तो इसमें 109 लोगों में से केवल 64 लोगों के नाम ही टीकाकरण सिलेक्ट किए गए। इस सूची से 45 लोगों के नाम गायब हो गए और ये 45 लोग टीकाकरण से महरूम रह गए। इनमें अधिकतर डॉक्टर है।

हेरा-फेरी कर गायब किए गए नाम
डॉक्टर्स ने पूरे मामले में सीएमओ कार्यालय को घसीटा है। डॉक्टर्स का कहना है कि अस्पताल के डॉक्टर और पूरा स्टाफ ओपीडी से लेकर अस्पताल तक कोविड मरीजों का उपचार कर रहे थे। बावजूद इसके तमाम स्टाफ और चिकित्सकों को टीका नही लगा। सीएमओ कार्यालय ने इसमें हेरा-फेरी करते हुए इनके नाम गायब कर दिए गए।

सीएमओ ने दी सफाई, पोर्टल दोषी
सीएमओ डॉ आरपी खंडूरी ने बताया कि जिला अस्पताल से 109 कर्मचारियों को टीका लगाने के लिए सूची मिली थी। इन सभी नामों को पोर्टल पर दर्ज किया गया था, लेकिन तकनीकि खामी की वजह से नाम चढ़ाने में दिक्कत हुई। इसे दुरुस्त कराया जा रहा है। जो भी नाम छूट गए है उन्हें फिर से पोर्टल में चढ़ा कर भेजे जा रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में डॉ प्रदीप बिष्ट, डॉ शोभित तिवारी, डॉ वर्षा रानी, डॉ वेंकटेश द्विवेदी, डॉ अजय कुमार, डॉ विवेक सिंह आदि शामिल रहे।

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