– भाजपा के दिग्गज कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र का विवादित बयान

देहरादून, डीडीसी। उत्तराखंड भाजपा में दिग्गज नेताओं के बीच चल रही कलह एक बार फिर फूट कर बाहर आई। भाजपा सरकार के दिग्गज कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत (Haram Singh Rawat) ने ढेंचा बीज घोटाले (dhencha seed scam) पर भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (trivendra rawat) को घेरा तो जवाब में त्रिवेंद्र ने भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ‘गधा जो होता है वो ढेंचा ढेंचा करता है’। आपको याद होगा कि ढेंचा बीज घोटाले के वक्त त्रिवेंद्र तत्कालीन भाजपा सरकार में कृषि मंत्री थे और अगली कांग्रेसी सरकार में हरक सिंह रावत कृषि मंत्री थे। हाल ही हरक ने कहा था कि अगर वो नहीं होते तो ढेंचा बीज घोटाले में त्रिवेंद्र जेल में होते।

हरीश रावत जेल भेजना चाहते थे त्रिवेंद्र को
दरअसल, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने एक न्यूज चैनल को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में त्रिवेंद रावत के कृषि मंत्री रहते हुए सामने आए ढेंचा बीज घोटाले को लेकर कहा था कि हमारी सरकार आने पर हरीश रावत (Harish Rawat) त्रिवेंद्र रावत को जेल भेजना चाहते थे। मैंने बतौर कृषि मंत्री त्रिवेंद्र रावत के समर्थन में दो पेज की नोटिंग की, जिसके चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया और वो जेल जाने से बच गए। हरक ने कहा था कि यदि वो जेल चले जाते तो 2017 में मुख्यमंत्री भी नहीं बन पाते।

संगठन महामंत्री ने हरक सिंह को तलब किया
इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हंगामा मच गया था। आम आदमी पार्टी ने इसे बकायदा मुद्दा बनाते हुए प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि पिछले बीस सालों से बीजेपी और कांग्रेस ऐसी ही मिलीभगत कर प्रदेश को लूट रहे हैं। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि बीजेपी संगठन को हस्तक्षेप कर मंत्री हरक सिंह रावत को तलब करना पड़ा। बुधवार को मंत्री हरक सिंह रावत मंत्री धन सिंह रावत को साथ लेकर एक ही कार से बलबीर रोड स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां महामंत्री संगठन अजेय कुमार और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ करीब आधे घंटे तक तक बंद कमरे में बातचीत हुई। मीटिंग से बाहर निकलने के बाद मदन कौशिक ने इसे एक सामान्य मुलाकात बताया, तो हरक ने भी कहा कि सरकार और संगठन के मुद्दों पर जरूरी बातचीत हुई।

केजरीवाल कर सकते हैं तीखा प्रहार
ढेंचा बीज घोटाले के उनके बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर हरक ने बचते बचाते कहा कि उनका बयान सही था, उस पर वे आज भी कायम हैं। इसके बाद मामला करीब-करीब शांत माना जा रहा था, लेकिन इसके कुछ ही घंटों के बाद सामने आए त्रिवेंद्र रावत के बयान ने आग में घी डालने का काम कर दिया है। त्रिवेंद्र के इस बयान के बाद भाजपा में एक बार फिर हलचल बढ़ गई और गेंद एक बार फिर विरोधी खेमे के पाले में है। जाहिर है अब इस मुद्दे पर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी भुनाएंगे। जो फिलहाल उत्तराखंड आ रहे हैं।

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