– जब तक सस्पेंड रहेंगे तब तक मिलेगी आधी तनख्वाह

डीडीसी। जैसा आज हुआ ऐसा बहुत कम देखा गया है कि न्याय करने वाला भी कानून की पेचीदगियों में फंसा हो। ये मामला एक जज से जुड़ा है और आरोपी संगीन हैं। जज पर आरोप एक मुल्ज़िम की हाई-फाई कार को इस्तेमाल करने का है और वो भी सरकारी कार्य के लिए। फिलहाल जज साहब को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही निर्दोष साबित होने तक उनकी तनख्वाह भी आधी कर दी गई है। फिलहाल उन्हें रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि वे बगैर उच्च न्यायालय की अनुमति से स्टेशन न छोड़ें।       देहरादून के जिला जज प्रशांत जोशी के खिलाफ ये कार्रवाई उत्तराखंड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जर्नल ने की है। मंगलवार 22 दिसम्बर को उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार एक पत्र रजिस्ट्रार जर्नल ने जारी किया। इस पत्र के मुताबिक सोमवार और मंगलवार को मसूरी में कोर्ट कैम्प था। इसमें जिला जज प्रशांत जोशी भी पहुंचे। नियमतः मसूरी पहुंचने के लिए उन्हें अपने सरकारी वाहन यूके 7जी 3333 का इस्तेमाल करना था। बजाय इसके उन्होंने मुल्ज़िम केवल कृष्ण सोईन की मंहगी ऑडी कार का इस्तेमाल किया।

गेस्ट हाउस के बाहर खड़ी थी ऑडी कार
पत्र में कहा गया है कि जिस ऑडी कार में जिला जज का बोर्ड लगया था, वो गाड़ी उच्च न्यायालय गेस्ट हाउस के बाहर खड़ी थी और अकसर यहीं पर कोर्ट कैम्प लगता है। आदेशित पत्र में जिला जज प्रशांत जोशी का नाम लिखते हुए कहा गया है कि उनका ऐसा करना उत्तराखंड कर्मचारी आचरण नियमावली का उलंघन है और ये नियमावली के नियम 3(1), 3(2) और 30 के तहत दंडनीय है।

किस कृत्य को छिपाने की बात कही
पत्र में लिखा गया है कि ऑडी कार में जिला जज का बोर्ड लगाया गया था और संभवतः यह किसी गलत काम को छिपाने के लिए किया गया होगा। कार मालिक केवल कृष्ण कोईन ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमो को खारिज करने के लिए उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की है। कोईन के खिलाफ 420, 467, 46, 871 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज है।

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