– मुख्तार के चाचा उप राष्ट्रपति, दादा कांग्रेस अध्यक्ष, नाना महावीर चक्र विजेता और बेटा नेशनल शूटर

सर्वेश तिवारी, डीडीसी। सुनार का बेटा सुनार, साहूकार का बेटा साहूकार और डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बने ये जरूरी नही। मुख्तार अंसारी भी वो नही बना, जो उसके खून में था। उसके खून में देशभक्ति थी और वो पूर्वांचल के सबसे बड़ा डॉन बन गया। डॉन पर 40 से अधिक मुकदमे दर्ज हुए। एक गौरवशाली इतिहास वाले परिवार का बेटा मुख्तार पिछले 16 साल से जेल की सलाखों के पीछे है। मुख़्तार के खिलाफ प्रयागराज की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में कुल 19 मुक़दमे लम्बित हैं।

दादा के नाम पर दिल्ली की एक सड़क
बाहुबली मुख्तार अंसारी के दादा डॉ मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के दौरान 1926-27 में इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और वे गांधी जी के बेहद करीबी माने जाते थे। उनकी याद में दिल्ली की एक रोड का नाम उनके नाम पर है।

महावीर चक्र विजेता नाना ने दी शहादत
मुख्तार अंसारी के नाना का नाम भी मुख्तार अंसारी था, लेकिन वो महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर उस्मान मुख्तार अंसारी थे। जिन्होंने 47 की जंग में न सिर्फ भारतीय सेना की तरफ से नवशेरा की लड़ाई लड़ी बल्कि हिंदुस्तान को जीत भी दिलाई और शहीद हुए।

चाचा रह चुके हैं उपराष्ट्रपति
मुख्तार के पिता सुब्हानउल्लाह अंसारी कम्यूनिस्ट नेता थे। सुब्हानउल्लाह अंसारी 1971 में नगर पालिका चुनाव में निर्विरोध चुने गए। इतना ही नहीं भारत के पिछले उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी मुख्तार के रिश्ते में चाचा लगते हैं।

बेटे अब्बास ने किया देश का नाम रोशन
माफिया डॉन मुख्तार अंसारी ने शानदार पारिवारिक विरासत पर पैबंद लगाया है, लेकिन खानदान की अगली पीढ़ी मुख्तार के नक्शेकदम पर नही चली। मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी शॉट गन शूटिंग के इंटरनेशनल खिलाड़ी हैं। दुनिया के टॉप टेन शूटरों में शुमार अब्बास न सिर्फ नेशनल चैंपियन रह चुके हैं।

AK-47 से दिनदहाड़े मरवा दी गोली, गवाह भी उड़ाया
मुख्तार के खिलाफ सबसे बड़ा मुकदमा मऊ के दक्षिण टोला थाने में दर्ज डबल मर्डर केस का है। पूर्वांचल के मऊ जिले में साल 2009 में ए कैटेगरी के बड़े ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ़ मन्ना की दिन दहाड़े बाइक सवार हमलावरों ने एके-47 का इस्तेमाल कर हत्या कर दी थी। मर्डर केस में मन्ना का मुनीम राम सिंह मौर्य चश्मदीद गवाह था। गवाह होने के चलते राम सिंह मौर्य को सतीश नाम का एक गनर भी दिया गया था। साल भर के अंदर ही आरटीओ आफिस के पास राम सिंह मौर्य और गनर सतीश को भी मौत के घाट उतार दिया गया। इस मामले में भी मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इस मुक़दमे का ट्रायल अब आख़िरी दौर में है और तीन-चार सुनवाई के बाद महीने-डेढ़ महीने बाद फैसला आ सकता है। इस मामले में मुख़्तार पर जेल में रहते हुए हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

उम्रकैद से फांसी तक की सजा हो सकती है
मुख़्तार पर हत्या और जानलेवा हमले के भी मुक़दमे चल रहे हैं। मऊ जिले के दक्षिण टोला थाने में दर्ज एफआईआर में तो मुख़्तार को उम्र कैद से लेकर फांसी तक की सज़ा हो सकती है। एमपी एमएलए कोर्ट में मुख्तार के खिलाफ 10 मुक़दमे चल रहे हैं। एक मुकदमा खुद मुख्तार ने वारणासी जेल में बंद माफिया बृजेश सिंह के खिलाफ दर्ज कराया है। 20 साल पुराने इस मुक़दमे में ट्रायल फिलहाल रुका हुआ है।

आइये डालते हैं मुख्तार के मुकदमों पर एक नजर
1- वाराणसी में कांग्रेस नेता अजय राय के भाई की हत्या। चेतगंज थाने में FIR हुई। अजय राय खुद इस मामले में वादी और गवाह दोनों हैं।
2- आजमगढ़ में मुख्तार पर IPC की धारा 302 यानी हत्या और 120B यानी साजिश रचने का मुकदमा तरवा थाने में दर्ज है। मुकदमा यूपी सरकार बनाम राजेंद्र पासी व अन्य के नाम से चल रहा है।
3- मुख्तार पर हत्या के प्रयास का एक मुकदमा गाज़ीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में IPC की धारा 307 और 120 B के तहत दर्ज है। मुख्य आरोपी सोनू यादव बरी हो चुका है।
4- मुख्तार पर IPC की धारा 419, 420 और 467 यानी धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े का है तो दूसरा आर्म्स एक्ट के तहत गाज़ीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में दर्ज है। आरोप फर्जी शस्त्र लाइसेंस हासिल करने का है।
5- वाराणसी के भेलूपुर थाने में धमकी देने का मुकदमा IPC की धारा 506 के तहत दर्ज है।
6- प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर के चार मुक़दमे हैं। चारों में आरोप पत्र दाखिल और मुख्तार पर आरोप भी तय हो चुके है।
7- मुख्तार पर गैंगस्टर का एक मामला गाज़ीपुर के करांडा थाने में दर्ज है। मुक़दमे का ट्रायल पेंडिंग है।
8- गाज़ीपुर के मोहम्मदाबाद कोतवाली में गैंगेस्टर का एक केस दर्ज हुआ। यह मुकदमा भी ट्रायल लेवल पर है।
9- मुख्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का एक और मुकदमा मऊ के दक्षिण टोला थाने में दर्ज है। इसका ट्रायल साल 2012 में शुरू हुआ। मुख्तार पर आरोप तय हो चुके हैं।

मुख्तार के खिलाफ 40 से ज्यादा संगीन मामले
यूपी के मऊ की कहानी भी बहुत अजीब है. बीते 5 बार से जो उनका विधायक है. वो पिछले 13 सालों से जेल में ही बंद है. मर्डर, किडनैपिंग और एक्सटॉर्शन जैसी दर्जनों संगीन वारदातों के आरोप में मुखतार अंसारी के खिलाफ 40 से ज़्यादा मुकदमें दर्ज हैं. फिर भी दबंगई इतनी है कि जेल में रहते हुए भी न सिर्फ चुनाव जीतते हैं बल्कि अपने गैंग को भी चलाते हैं. 2005 में मुख्तार अंसारी पर मऊ में हिंसा भड़काने के आरोप लगे. साथ ही जेल में रहते हुए बीजेपी नेता कृष्णानंद राय की 7 साथियों समेत हत्या का इल्ज़ाम भी अंसारी के माथे पर लगा।

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