– बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई विद्युत विभाग की बैठक में कई अहम फैसले लिए और आदेश दिया

देहरादून, डीडीसी। मख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को रात बेरोजगारों को सौगात दी। सौगात नौकरी की और वो विद्युत विभाग में। तो तैयार रहें, जल्द ही यूपीसीएल (UPCL) में जेई के तमाम पदों को भरा जाएगा। इसके साथ विजिलेंस में भी 3 नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं। राज्य सरकार के इस कदम से न सिर्फ बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, बल्कि राज्य की बिजली व्यवस्था भी दुरुस्त होगी। बुधवार रात मुख्यमंत्री आवास में हुई विद्युत विभाग की समीक्षा और कई अहम फैसले लिए गए हैं।

कुंभ मेले को मिलेगी 24 घंटे बिजली
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र नेकुम्भ मेले में लगातार 24 घंटे बिजली देने को कहा है। ताकि मेले में गंगा स्नान के लिए आने वालों को किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाने को कहा।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 114 योजनाएं
सचिव ऊर्जा ने बताया कि अक्टूबर 2020 में प्रारम्भ की गई मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2020 के अंतर्गत अभी तक 114 परियोजनाएं आवंटित कर दी गईं। वर्ष 2018 में पिरूल नीति लागू कर कुल 1785 किलोवाट की 58 परियोजनाएं विद्युत उत्पादन हेतु एवं 4 परियोजनाएं ब्रिकेटिंग इकाइयों हेतु आवंटित की गईं। 129.50 मेगावाट की विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण, विद्युत लाईनों को भूमिगत करने का कार्य तथा सबस्टेशनों के निर्माण के साथ ही स्मार्ट मीटरिंग के कार्यों को पूर्ण करने के कार्यों हेतु लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

डिजिटली सभी एक साथ बैठे बैठक में
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार नरेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव ऊर्जा राधिका झा, सचिव वित्त सौजन्या, अपर सचिव एवं प्रबन्ध निदेशक यूपीसीएल एवं पिटकुल डॉ. नीरज खेरवाल, प्रबन्ध निदेशक यूजेवीएनएल संदीप सिंघल के साथ निगमों के निदेशकों और जिलों के अधीक्षण अभियंताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद किया गया।

पिरूल से मिलेगा रोजगार
बैठक में सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बताया कि रोजगार के क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों की भागीदारी बढ़़ाई जा रही है। इसके लिए सौर ऊर्जा, पिरूल और एलईडी ग्राम लाइसट योजना पर काम हो रहा है। विभिन्न पदों पर भर्ती के साथ निदेशकों की भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता हेतु नीति बनाई गई है।

इस दफा पैदा हुई सबसे ज्यादा बिजली
उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के संबन्ध में प्रस्तुतिकरण में राधिका झा ने बताया गया कि निगम ने 2019-20 में 5088.88 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्पादन किया, जो न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह मिलाते हुए निगम का अब तक का सर्वोच्च विद्युत उत्पादन है। निगम ने राज्य को उसकी अंशपुजी पर 40.01 करोड़ का लाभांश दिया है, जो अभी तक का सर्वोच्च लाभांश है। निगम ने पिछले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता में 10.75 मेगावाट की बढोत्तरी की है।

डिजिटली सभी एक साथ बैठे बैठक में
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार नरेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव ऊर्जा राधिका झा, सचिव वित्त सौजन्या, अपर सचिव एवं प्रबन्ध निदेशक यूपीसीएल एवं पिटकुल डॉ. नीरज खेरवाल, प्रबन्ध निदेशक यूजेवीएनएल शसंदीप सिंघल के साथ ही निगमों के निदेशकों और जिलों के अधीक्षण अभियंताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद किया गया।

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