– शनिवार रात 8 आरोपी ने अपने बाप के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम

हल्द्वानी, डीडीसी। पति से नाराजगी के बाद आरती अपनी ससुराल छोड़कर मायके चली आई। पति से रहा नही गया तो वो भी पीछे-पीछे अपनी ससुराल जा पहुंचा और साथ मे ले गया अपने बाप को। नाराज बीवी तो नही मानी। जब उसने लौटने से इनकार कर दिया तो बाप-बेटे ने आरती के अपाहिज पिता पर हमला कर दिया। उसे जमीन पर गिरा दिया और पीट-पीट कर मार डाला। वारदात अंजाम देने के बाद कत्ल के आरोपी फरार भी हो गए, लेकिन पुलिस की पहुंच से दूर नही भाग सके। वारदात के चंद घंटे भीतर ही दोनों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया। उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में ये घटना शनिवार रात करीब 8 बजे हुई।

पड़ोस में ही है आरती का सुसराल
हैड़ागज्जर अर्जुनपुर निवासी रोशन लाल (45) ठेके पर खेत लेकर जीवन गुजर बसर करता है। उसने अपनी बेटी आरती की शादी घर से कुछ दूर रहने वाले गोपाल सक्सेना पुत्रा नंदराम से की थी। दोनों परिवार एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। अच्छी जान-पहचान की वजह से आरती का रिश्ता गोपाल से कर दिया गया, लेकिन ये रिश्ता ज्यादा दिन तक टिक नही सका।

50 दिन भी नही टिका 7 फेरों का बंधन
आरती की शादी बीते साल 25 नवंबर 2020 को गोपाल के साथ हुई थी और 13 जनवरी 2021 को वह अपने पति और ससुराल को छोड़ कर मायके आ गई थी। शादी के कुछ दिन तक ही सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ दिन बाद ही आरती के प्रति ससुरालियों का रवैया बदलने लगा। पहले ताने और फिर नौबत मारपीट तक आ गई। बात ज्यादा बिगड़ती इससे पहले ही आरती ने ससुराल छोड़ने का फैसला कर लिया, लेकिन उसे पता नही था कि उसका ये फैसला उसके पिता की मौत को वजह बन जाएगा।

तीसरे ही दिन बाप संग पहुंचा ससुराल
झगड़ों से आजिज आरती 13 जनवरी को मायके आ गई थी। 2 दिन तक गोपाल ने आरती का इंतजार किया, लेकिन जब वो नही लौटी तो तीसरे दिन यानी 16 जनवरी को गोपाल अपने पिता नंदराम के साथ अपनी ससुराल पहुंच गया। मृतक की पत्नी मीना देवी की माने तो आरती वापस नही जाना चाहती थी और गोपाल उसे वापस ले जाने पर आमादा था। उसने जबरन आरती को अपने साथ ले जाना चाहा और जब जब बेटे रोहित और मृतक रोशन लाल ने गोपाल व उसके पिता को रोका तो मारपीट हो गई। बाप-बेटे ने अपहिज रोशन को जमीन पर गिरा और पीट-पीट कर बेदम कर दिया।

दहेज नही दे पाया विकलांग पिता
मृतक की पत्नी मीना ने आरती के ससुरालियों पर गम्भीर आरोप लगाए है और ऐसे में ये आरोप और गम्भीर हो जाते है जब शादी को महज 50 दिन गुजरे हों। मीना का कहना है कि शादी के चंद दिन बाद से ही आरती को दहेज के लिए ताने मिलने लगे थे। हालांकि विकलांग पिता जो दहेज जुटा पाया दिया, लेकिन ससुरालियों का मन नही भर पाया। ऐसे में आरती का जीना मुहाल हो गया था। पिता की असमर्थता और अपने जीवन को देखते हुए आरती मायके आ गई।

तहरीर पर तुरंत मुकदमा और गिरफ्तारी
मामले में मीना देवी ने अपने आरोपी दामाद गोपाल सक्सेना व उसके पिता नंदराम के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी थी। इस तहरीर पर तुरंत कार्यवाही की गई और आनन फानन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मंडी चौकी प्रभारी दिनेश चन्द्र जोशी और उनकी टीम एसआई दिलबर भंडारी, लक्ष्मण, इसरार, वीरेन्द्र और त्रिलोक आरोपियों की तलाश में जुट गए। चंद घंटे के भीतर ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया।

--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here