इटावा, डीडीसी। एक-दो नही बल्कि 42 मुकदमों का वांटेड कुख्यात गैंगेस्टर अनीस पासू अब या तो जिंदा पकड़ा जाएगा या फिर जनाजे पर ही घर पहुंचेगा। पुलिस ने इस शातिर अपराधी पर शिकंजा कस लिया है और इस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले का ये कुख्यात गैंगस्टर लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
अनीस पर रंगदारी के साथ हत्या के प्रयास की साजिश का आरोप है, जिसके चलते इतना बड़ा इनाम रखा गया है। फैजल खान नामक शख्स से अनीस पासू का जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। अनीस गिरोह के सदस्यों ने जबरदस्ती उसकी दुकानों का फर्जी बैनामा करा लिया था। बीती 22 अक्टूबर को इसी मामले को लेकर वह अपने वकील के पास जा रहा था, तभी साबरी प्रेस के पास अपराधियों ने उसे जान की घमकी देते हुए मुकदमा वापस लेने को कहा था। जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ धारा 504, 506, 386, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं अनीस पासू पर इटावा के कई थानों मे 42 आपराधिक मुकदमें दर्ज है।

परिवार में चल रही अपराध की पाठशाला
पिछले माह 27 अक्टूबर को इटावा कोतवाली पुलिस ने पासू के भाई हनीफ उर्फ डब्बू, नासिर और चमन वारसी को गिरफ्तार किया था। पासू के बेटे इरफान उर्फ मुन्ना पर हत्या समेत 7 अपराधिक मामले दर्ज है। जबकि पासू के भाई हनीफ उर्फ डब्बू के पर कत्ल सहित 8 आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।

अपराधी ने ओढ़ा खादी का चोला
आरिफ के खिलाफ इलाहबाद हाई कोर्ट ने हत्या के एक मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई है, लेकिन वह पैरोल पर बाहर था और खादी का चोला ओढ़ कर अपराध को अंजाम देने में जुटा था। आरिफ पाशू गैंग का गुर्गा है और कई बार जेल की हवा खा चुका है। आरिफ पर 8 मुकदमें दर्ज है।

खाकी की आड़ में हो रहे थे गुनाह
मामले की जानकारी देते हुए इटावा के एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि इस मामले में पुलिस और अपराधियों के बीच गठजोड़ की खबर आ रही थी। जिसके बाद एक गोपनीय और तकनीकी जांच कराई गई। जिसमे नया शहर चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार व कांस्टेबल बबलू अली के संबंध गैंगस्टर अनीस उर्फ पासू से साबित हो गए। जिसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया।

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