– शुक्रवार दोपहर 1 बजे हुई बदमाशों के बीच खूनी गैंगवार

भरत गुप्ता, (चित्रकूट) डीडीसी। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में जेल के अंदर शुक्रवार दोपहर खूनी गैंगवॉर हुई। ताबड़तोड़ चली गोलियों की आवाज से जेल गूंज उठी। गोलियां दो गैंगस्टर के बीच चलीं। इस दौरान मुकीम उर्फ काला और मेराज अली की गोली लगने से मौत हो गई। मेराज अली, अपराधी और बाहुबली सांसद मुख्तार अंसारी का भांजा है। वहीं गोली मारने वाला गैंगस्टर अंशुल दीक्षित भी पुलिस कार्रवाई में मारा गया। जेल में गोलियां चलने की आवाज सुनकर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इधर जिले के अधिकारियों को सूचना दी गई। मौके पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद है। कहा जा रहा है कि जेल के अंदर असलहा और गोलियां मिलने से जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।

दोनों ने एक दूसरे पर किए दर्जनों फायर
चित्रकूट जेल में वेस्ट यूपी का गैंस्टर मुकीम काला बंद था। वहीं एक दूसरा गैंगस्टर अंशुल दीक्षित भी इसी जेल में बंद था। शुक्रवार को दोनों के बीच किसी बात को लेकर ठन गई। दोनों एक दूसरे पर गोलियां बरसाने लगे। ताबड़तोड़ गोलियां चलने से जेल के अंदर हड़कंप मच गया। यूपी की चित्रकूट जेल में दोपहर एक बजे के आसपास हंगामा हुआ।

एसपी, डीएम के सामने भी बरसाता रहा गोलियां
मौके पर अधिकारी पहुंचे तब तक मुकीम काला की मौत हो चुकी थी। एक अन्य अपराधी मेराज की भी गोली लगने से मौत हो गई। सूचना पर चित्रकूट डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे। अंशुल लगातार गोलियां बरसाता रहा। उसे रोकने के लिए अधिकारियों ने चेतावनी दी, लेकिन उसने गोलियां चलानी बंद नही की।

जवाबी कार्रवाई में मारा गया अंशुल
अंशुल छिपकर गोलियां चलाने लगा। जेल प्रशासन का कहना है कि अंशुल ने अन्य कैदियों को भी मारने की धमकी दी। तमाम प्रयास के बाद भी वह काबू में नहीं आया तो पुलिस को मजबूरन उसके ऊपर भी गोलियां चलानी पड़ीं और इस दौरान कार्रवाई में वह मारा गया।

चल रहा तलाशी अभियान
जेल सूत्रों का कहना है कि जेल के अंदर ताबड़तोड़ कई दर्जन फायर किए गए। इतनी ही नहीं यहां भारी संख्या में असलहा, गोलियां और अन्य अवैध सामान बरामद हुआ है। पुलिस तलाशी अभियान चला रही है। बताया जा रहा है कि मुकीम पश्चिम यूपी का बड़ा बदमाश था। खासकर कैराना में पलायन के मामले में भी काला सुर्खियों में आया था।

कुछ दिनों पहले ही ट्रांसफर होकर आए थे तीनों
बताया जा रहा है कि अंशुल दीक्षित पुत्र जगदीश सुलतानपुर की जेल से, मुकीम बनारस जिला जेल से और मेराज अली को कुछ दिन पहले ही चित्रकूट की जेल में ट्रांसफर किया गया था। अंशुल दीक्षित सुलतानपुर की जेल से चित्रकूट जेल आया था। जबकि, मुकीम बनारस जिला जेल से और मेराज अली को कुछ दिन पहले ही चित्रकूट की जेल में ट्रांसफर किया गया था।

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