*– चम्पावत में 25 साल बाद गौड़ी पाॅवर हाउस से फिर होगा बिजली का उत्पादन*

*चम्पावत, डीडीसी।* उत्तर प्रदेश की विरासत रहे एक पावर हाउस को उत्तराखंड में फिर नया जीवन मिलने वाला है। 25 साल से बंद पड़े इस पावर हाउस को सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है और अब यहां साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही एक बार फिर बिजली उत्पादन शुरू होगा और ये बिजली उत्तराखंड के काम आएगी। इस पावर हाउस का नाम है गौड़ी पावर हाउस और ये उत्तराखंड के चम्पावत जिले में स्थित है।

*वर्ष 1960 में बना था गौड़ी पावर हाउस*
गौड़ी पावर हाउस का निर्माण वर्ष 1960 में हुआ था। तब उप्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता ने पावर हाउस की नींव रखी थी। पावर हाउस से उस समय चम्पावत, लोहाघाट नगर, एबट माउंट और मायावती आश्रम रोशन होते थे। ग्रिड लाइन बनने के बाद वर्ष 1995 में पावर हाउस बंद हो गया। राज्य बनने के बाद पावर हाउस को उरेडा को हस्तांतरित किया गया। उरेडा तब से ही गौड़ी पावर हाउस को दोबारा से संचालित करने की योजना बना रहा था।

*गंडक नदी पर बना है पावर हाउस*
गौड़ी पावर हाउस जिला मुख्यालय में बहने वाली गंडक नदी पर बना है। उरेडा ने इसके लिए देहरादून की एक कंपनी से करार किया है। कंपनी को पाॅवर हाउस 35 साल की लीज पर दिया जा रहा है। कंपनी ने पाॅवर हाउस को चलाने की कवायद शुरू कर दी है। मिट्टी व मलवे से दब चुकी पाॅवर हाउस के नहर की सफाई शुरू कर दी है।

*वर्ष 1995 में बंद हो गया था पॉवर हाउस*
वर्ष 1960 में बनी गौड़ी जल विद्युत परियोजना करीब 25 साल पहले वर्ष 1995 ठप हो गई थी। यानी ये योजना कुल 15 साल ही चल पाई। तब से इसकी मशीनें जंक खा रही हैं। कहा जा रहा है कि मरम्मत होने के बाद पाॅवर हाउस के चालू होने के बाद यहां प्रतिदिन 200 किलोवाट बिजली पैदा होगी। जिसे कंपनी यूपीसीएल को बेचेगी। कंपनी पाॅवर हाउस की मरम्मत में करीब चार करोड़ रुपये खर्च करने वाली है। गौड़ी पाॅवर शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

*हर रोज बनेगी 200 किलोवाट बिजली*
जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित गौड़ी पावर हाउस को पुनर्जीवित करने की कवायद शुरू हो गई है। पावर हाउस को दोबारा से चालू करने के लिए उरेडा ने बीते अक्तूबर में टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। काफी मशक्कत के बाद अब हरिओम कंस्ट्रक्शन कंपनी देहरादून के साथ करार हुआ है। करार के अनुसार कंपनी को पावर हाउस 35 साल के लिए लीज पर दिया गया है। कंपनी चार करोड़ रुपये खर्च कर मशीन मरम्मत, नहर में लीकेज बंद करने और चैनल बनाने का कार्य करेगी। पावर हाउस से प्रतिदिन 200 किलोवाट बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। उत्पादित बिजली को कंपनी यूपीसीएल को बेचेगी। बिजली बेचने से होने वाली आय का कुछ हिस्सा सरकार के खाते में जाएगा।

*सप्ताह भीतर शुरू होगा निर्माण कार्य*
एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। उरेडा के परियोजना अधिकारी मनोज बजेठा के मुताबिक गौड़ी पावर हाउस संचालन के लिए हरिओम कंस्ट्रक्शन कंपनी से करार हुआ है। नहर सफाई का कार्य शुरू हो गया है। अगले कुछ दिनों में पाॅवर हाउस की मरम्मत का कार्य भी शुरू हो जाएगा।

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