– एक जर्मन रिसर्च में किया गया ये दावा

नई दिल्ली, डीडीसी। अगर आपको लगता है कि मरने के कुछ वक्त बाद कोरोना (Coronavirus victims) भी मुर्दे कोले शरीर को छोड़ देता है तो आप गलतफहमी का शिकार हैं। इस गलतफहमी को दिल-दिमाग से तुरंत निकाल दीजिए। क्योंकि कोरोना मरने के बाद भी मुर्दे का साथ नही छोड़ता। बल्कि लंबे वक्त तक कोरोना मुर्दे के शरीर (infectious after death) को अपना घर बना लेता है। ये दावा जर्मनी में हुए एक शोध (German study) में किया जा रहा है।

7 दिन लगातर टेस्ट और रिजल्ट पॉजिटिव
शोधकर्ताओं इस नतीजे पर इतनी आसानी से नही पहुंचे। बल्कि इसके लिए उन्होंने दिन रात मेहनत की। शोधकर्ताओं ने 11 लाशों पर लगातार 7 दिनों तक रिसर्च की। हर 12 घंटे में शव का का मेडिकल चेकअप हुआ और हर 12 घण्टे में लगातार 7 दिनों तक नाक के स्वैब का टेस्ट किया गया। नतीजे चौंकने वाले थे, क्योंकि टेस्ट हर बार मृतक के आरएनए में SARS-CoV-2 का समान स्तर पाया गया।

हमारे लिए बेहद खतरनाक है ये दौर
कोरोना काल का मौजूदा दौर इंसानी अस्तित्व के लिए सबसे खतरनाक दौर है। शोधकर्ताओं ने बताया कि मृतक के शरीर के ऊतकों में SARS-CoV-2 का संक्रमण सात दिनों तक ज्यों का त्यों बना रहा। शोधकर्ताओं की टीम ने इसे महामारी के खतरनाक चरण कहा है। लिहाजा इस पर व्यापक स्तर पर शोध करने की जरूरत भी बताई जा रही है।

जरूरत है अभी व्यापक रिसर्च की
कोरोना की जिस खबर के बारे में हम आपको बता रहे हैं, उस पर यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर हैम्बर्ग (University Medical Center Hamburg) में रिसर्च हुआ और नतीजे चौंकाने वाले थे। शोधकर्ताओं की जिस टीम ने रिसर्च किया, इन्होंने अपनी रिसर्च के लिए गंभीर कोरोना पीड़ित व्यक्तियों से सैंपल जुटाए थे। शोधकर्ताओं का मानना है कि ये प्राथमिक रिसर्च है। अभी इसको लेकर एक व्यापक रिसर्च की जरूरत है।

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