नई दिल्ली, डीडीसी। आज की दुनिया का सबसे बड़ा गुरु बन चुका है गूगल (google). आज की तारीख में शायद ही आपका कोई सवाल ऐसा हो, जिसका जवाब गूगल के पास न हो। हालांकि ऐसा होता नही है। लोग बैगन का भर्ता बनाने से लेकर एरोप्लेन उड़ाने तक के तरीके गूगल से सीख सकते है, लेकिन कभी-कभी गूगल का ज्ञान जान पर भारी पड़ जाता है और कभी-कभी तो जीवन भी सलाखों के पीछे गुजरना पड़ जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि अधिकांश लोगों का ये मानना है कि गूगल पर दी गई जानकारी सौ प्रतिशत सत्य है। तो आइए जानते हैं कि ऐसी कौन-कौन सी जानकारी है, जिसे गूगल पर सर्च करने से बचना चाहिए।

भारत में ये सर्च किया तो जाओगे जेल
भारत में आतंकवाद और नक्सलवाद ने अपनी जड़ें जमा रखी हैं। ऐसे में गूगल पर किसी तरह के घातक हथियार के बारे में गूगल पर सर्च करना आपको भारी पड़ सकता है। खासतौर पर तब जब आप इन्हें बनाने के तौर-तरीकों को जानने की कोशिश कर रहे होंगे। तो गूगल पर कभी भूल कर भी हथियार या बम बनाने की विधि सर्च न करे। ऐसा करने से आपको जेल जाना पड़ सकता है। दरअसल, जैसे ही आप इस तरह का कुछ भी सर्च करते हैं तो आपके कंप्यूटर या लैपटॉप का आईपी एड्रेस सीधा सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंच जाता है या यूं कह लें कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की कुछ टीम गूगल पर ऐसे लोगों की तलाश में रहती हैं जो इस तरह का कुछ सर्च कर रहे होते हैं।

जेल नहीं जान भी ले सकती है जानकारी
गूगल से ली गई गलत जानकारी आपको जेल ही नही बल्कि शमशान तक पहुंचा सकती है। मन लीजिए आपकी तबीयत खराब है और आप अपनी तबियत के लक्षण गूगल पर डाल कर बीमारी और उससे जुड़ी दवाइयों के बारे में जानना चाहते तो सावधान हो जाएं। ये आपकी जान पर भारी पड़ सकता है। इसलिए गूगल की जानकारी से ज्यादा भरोसा उस डॉक्टर पर करें जो सालों की पढ़ाई और लाखों खर्च करने के बाद एक काबिल चिकित्सक बनता है।

सरेआम हो सकते है पर्सनल लम्हे, खाली हो जाएगी जेब
आपने कभी इस बारे में सोंचा भी नही होगा कि गूगल से मिली गलत जानकारी आपके पर्सनल लम्हों को न सिर्फ सरेआम कर सकता है, बल्कि आपको पाई-पाई के लिए कंगाल भी कर सकता है। दरअसल, गूगल सर्च के जरिए कई बार फिशिंग या फर्जी ऐप्स और सॉफ्टवेयर हम डाउनलोड कर लेते हैं, जो हमारे डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकते हैं और ये वही नुकसान हैं जिनके बारे में बात कर रहे है। कारण कि हम अपना निजी डेटा फोन में रखते है और सारा आर्थिक लेन-देन भी आज मोबाइल से ही हो रहा है। ऐसे में किसी ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर या फिर ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।

कस्टमर केयर नंबर और ई-मेल आई सर्च न करें सर्च
कई बार हमें किसी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पता नहीं होता है तो हम गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च करते है और नुकसान दायक साबित हो सकता है। दरअसल, साइबर क्राइम को बढ़ावा देने वाले हैकर्स किसी भी कंपनी की फेक या फर्जी हेल्पलाइन नंबर गूगल सर्च में फ्लोट कर सकते हैं। ये तब घातक होता है जब आप सर्च के दौरान इन फर्जी नम्बर तक पहुंच जाते हैं। ये साइबर क्रिमिनल के लिए मौका होता है। ये क्रिमिनल आपके मोबाइल, कम्प्यूटर जैसे उपकरण न सिर्फ हैक कर सकते हैं, बल्कि आपका सिम भी स्वैप कर सकते हैं। गूगल पर अपनी निजी ई-मेल आईडी सर्च न करें, ऐसा करने से आपका अकाउंट हैक हो सकता है और वो सब कुछ हो सकता है जो फर्जी कस्टमर केयर नम्बर यूज करने से हो सकता है।

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