– एक दिन में केवल 10 हजार लोगों को ही दर्शन की अनुमति

चम्पावत, डीडीसी। प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला शुरू होने वाला है, लेकिन इस बार माता रानी सबको दर्शन नहीं देंगी। जी हां, इस दफा अगर आपको माता का आशीर्वाद लेना है तो पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। और तो और एक दिन में केवल 10 हजार भक्तों को ही माता के दर्शनों की अनुमति होगी। चम्पावत जिला प्रशासन ने इसको लेकर एसओपी जारी कर दी। आइए जानते है कि पूर्णागिरि मेले में शामिल होने से पहले आपको किन-किन बातों का ख्याल रखना होगा। शनिवार देर शाम चम्पावत जिला अधिकारी विनीत तोमर की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसओपी को अंतिम रूप दिया गया।

इतिहास में पहली बार सीमित की गई संख्या
पूर्णागिरि मेले के इतिहास में ऐसा आज तक नही हुआ कि भक्तों की संख्या पर लगाम लगाई गई हो, लेकिन कोरोनो की फिर बढ़ती रफ्तार को देखते हुए भक्तों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया गया है। पूर्व में रोजाना लाखों भक्त पूर्णागिरि दरबार मर हाजिरी लगाते थे, लेकिन इस बार एक दिन में केवल 10 हजार लोगों को दर्शन करने की इजाजत होगी। श्रद्धालुओं को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

भक्त खुद रखें अपना ख्याल
जिला प्रशासन की बैठक में तमाम फैसले लिए गए। इन्हीं फैसलों में से एक फैसला यह भी है कि मेले में भक्तों को अपना ख्याल खुद रखना होगा। मसलन, श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। सेनिटाइजर की व्यवस्था भी लोगों को खुद ही करनी होगी। मतलब ये कि मेले में जाने से पहले जेब में सेनेटाइजर, मुंह पर मास्क और शोसल डिस्टेंसिंग का पालन हर हाल में करना होगा।

भक्तों की संख्या के साथ मेले की अवधि भी घटी
इस बार जो मेला लगेगा, उसकी अवधि केवल 30 दिन होगी। जबकि पूर्व में मेला अवधि 3 माह की होती थी। कोरोनो को देखते हुए जिला प्रशासन ने न सिर्फ मेले की अवधि घटाई है, बल्कि भक्तों की रोजाना होने आने वाली संख्या को भी सीमित कर दिया है। एक माह का मेला 30 मार्च से शुरू होगा।

टैक्सी से करना होगा 15 किमी का सफर
बसों और ट्रैक्टर समेत भारी वाहनों में पूर्णागिरि दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को अब नायकगोठ पार्किंग स्थल से टैक्सी लेनी पड़ेगी। टैक्सी से 15 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद भैरव मंदिर से पैदल आवाजाही शुरू होगी। इससे पहले बूम पार्किंग तक बड़े वाहन और ठुलीगाड़ तक टैक्सियां चलती थी।

इन बातों को जानना बेहद जरूरी है
mvcdeveloper.uttara online.in and champawat.nic.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
आश्रम, धर्मशाला और होटल स्वामी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करेंगे।
वनाग्नि से बचने को श्रद्धालु जंगल में भोजन नहीं बना सकते।
नियमों की अवहेलना करने पर महामारी अधिनियम के तहत दर्ज किया जाएगा मुकदमा।
60 वर्ष से अधिक, गर्भवती महिला और दस साल से कम उम्र के बच्चों को यात्रा नहीं करने की सलाह।

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