– सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस के साथ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने भरी दोपहर की छापेमारी

हल्द्वानी, डीडीसी। जिस्म फरोशी की शिकायतों पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस के साथ दोपहर स्पा सेंटर में छापेमारी कर दी। नैनीताल रोड स्थित दो सेंटरों में छापेमारी के दौरान जिस्म फरोशी तो नहीं मिली, लेकिन अनियमितताओं की भरमार थी। दोनों ही स्थान पर सेंटर के मैनेजर को कड़े शब्दों में चेतावनी और चालान के साथ हिदायत देकर छोड़ दिया गया।

गुरुवार दोपहर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह और पुलिस महिला सेल की प्रभारी लता बिष्ट के साथ भोटियापड़ाव चौकी क्षेत्र के नैनीताल रोड स्थित दि क्लाउ 9 स्पा सेंटर में छापेमारी कर दी। अचानक हुई छापेमराी से सेंटर में हड़कंप मच गया। सेंटर के भीतर मौजूद लड़कियां यहां-वहां भागने लगीं।

जिनसे राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कड़ी पूछताछ की। उन्होंने लड़कियों द्वारा लड़कों की मसाज पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि ये कहीं न कहीं जिस्म फरोशी से जुड़ा है। क्लाउड 9 के दस्तावेज भी अधिकारियों को अधूरे मिले और वह अधिकारियों के सवालों का सटीक जवाब भी नहीं दे सके। जिसके बाद क्लाउ 9 का चालान किया।

यहां से निकलीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने नैनीताल रोड पर काठगोदाम थानाक्षेत्र के प्लान बी स्पा सेंटर पर छापेमारी की। यहां टीम के पहुंचने से पहले ही लड़कियां मौके से फरार हो गईं। टीम को सेंटर के अंदर बने अंधेरे कमरों से लड़कियों के कपड़े, उनकी जूतियां और पुरुष के एक जोड़ी जूते भी मिले।

यहां से बीयर की एक केन भी मिली और तमाम सारी आपत्तिजनक वस्तुएं। जिसके बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने प्लान बी के मैनेजर को भी कड़ी फटकार लगाई और चालान कराया।

प्लान बी ने भागने के लिए गली में बनाया दूसरा दरवाजा
टीम सायरन बजाते हुए प्लान बी स्पा सेंटर पहुंची और यहां मौजूद लड़कियां पुलिस का सायरन सुनकर टीम के पहुंचने से पहले ही फरार हो गईं। इस स्पा सेंटर में भागने के लिए एक दूसरा दरवाजा बनाया गया है, जो अंदर गली में खुलता है। महिला आयोग की अध्यक्ष ने इस पर भी कड़ी आपत्ति जताई। वहीं मैनेजर का कहना था कि उसने लड़कियों को नहीं भगाया, बल्कि वह सायरन सुनकर भाग गईं।

क्लाउड 9 के पीछे मिला खंडहर और खुफिया दरवाजा
प्लान बी हो या क्लाउड 9, दोनों ने ही पुलिस से बचने से सारे पैंतरे अपना रखे हैं। छापेमारी के दौरान क्लाउड 9 के पीछे पुलिस को एक खंडहर मिला, जहां छापेमारी से बचकर कुछ लड़कियों ने शरण ले रखी थी। इस खंडहर में एक शटर भी था, जिसका इस्तेमाल ऐसी ही छापेमारी के दौरान भागने के लिए किया जाता है। इस बार लड़कियां भाग नहीं सकीं और जो मिलीं उनमें से कई कर्मचारी के तौर पर रजिस्टर में दर्ज नहीं थीं।

लड़कियां अगर पुरुषों की मसाज करती हैं तो ये क्या इंगित करता है। सबसे बड़ी बात कि लड़कियां स्पा सेंटर के पीछे बने खंडहर में क्या कर रही थी। खंडहर में पीछे से दरवाजा भी संदेहजनक है। हमने शासन को अपनी गाइड लाइन भेजी है। आज हमने इनका चालान किया है, लेकिन भविष्य में लड़कियां मसाज करतीं मिली तो फिर जेल भेजने की कार्रवाई होगी।
कुसुम कंडवाल, अध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग

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