– 1 अप्रैल बगैर कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के नही कर पाएंगे कुंभ स्नान

हरिद्वार, डीडीसी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कुंभ स्नान से पूर्व कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य किया। इस फैसले को नए CM तीरथ सिंह रावत ने बदल दिया। अब अदालत ने तीरथ के फैसले को बदल डाला। तो अब कुंभ आने वाले भक्तों को स्नान से पहले कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। जिसके बाद ही आपको मेला परिसर में एंट्री मिलेगी। हालांकि अगर आप इस झंझट से बचना चाहते हैं तो 1 अप्रैल से पहले हरिद्वार महाकुंभ में डुबकी लगा सकते हैं। वजह की कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट 1 अप्रैल से अनिवार्य होगी।

नैनीताल हाईकोर्ट ने जारी किए आदेश
हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में प्रवेश के लिए जारी एसओपी में तय प्रतिबंध एक अप्रैल से ही लागू हो जाएंगे। नैनीताल हाईकोर्ट ने बुधवार को जारी आदेश में हरिद्वार कुंभ में प्रवेश के लिए कोविड नैगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है। इसके साथ ही पूर्व में सरकार मेला क्षेत्र में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी कर चुकी है। इस बीच प्रदेश सरकार कुंभ मेला नोटिफिकेशन भी जारी कर चुकी है। इसमें मेला अवधि एक अप्रैल से शुरू मानी गई है। इस तरह कोर्ट के आदेश और पूर्व में आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी एसओपी के सभी नियम एक अप्रैल से ही लागू हो जाएंगे।

अन्य जिले को आने-जाने वालों पर स्थिति स्पष्ट नही
हरिद्वार से होकर राज्य के अन्य जिलों में जाने वाले लोगों पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मेला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग से इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उक्त सभी नियम मेला अवधि 30 अप्रैल तक लागू रहेंगे। इस बीच अभी हरिद्वार से होकर राज्य के अन्य जिलों में जाने वाले लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। दरअसल, हरिद्वार कुंभ क्षेत्र गढ़वाल के सभी जिलों के लिए प्रवेश द्वार है। रोजाना हजारों की संख्या में लोग कुंभक्षेत्र से होकर अपने गंतव्य को जाते हैं। इसलिए मेला प्रशासन ने शासन को पत्र लिखकर इन लोगों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इसी तरह दूसरे राज्यों से अपने घर आ रहे हरिद्वार जिले के निवासियों की जांच पर भी असमंजस की स्थिति है।

जांच को लेकर असमंज में है प्रशासन
कुंभ मेला अधिकारिक तौर पर एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। इसलिए प्रतिबंध भी इसी दिन से लागू होंगे। बाहर से आने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों की जांच को लेकर अभी कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिस पर शासन से जानकारी मांगी गई है। बॉर्डर पर जांच के साथ ही अन्य यात्री सुविधाएं भी जुटाई जा रही है।

12 और 14 अप्रैल को है मुख्य स्नान
मौजूदा समय में कुंभ क्षेत्र में प्रतिदिन औसत एक लाख से कम लोग आ रहे हैं, लेकिन अब मुख्य स्नान नजदीक आने के साथ ही भीड़ बढ़नी तय है। कुंभ के मुख्य स्नान 12 और 14 अप्रैल को पड़ रहे हैं। पिछली बार के कुंभ में बैशाखी के स्नान पर एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान करने आए थे।

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