– जिलाबदर होते ही हृदयेश पर अपहरण और जान लेने की कोशिश का आरोप

हल्द्वानी, डीडीसी। 14 मुकदमों के आरोपी हृदयेश कुमार ने अपने अपराधों को राजनीतिक चोले से छिपाने की कोशश की, लेकिन अंततः हृदयेश को 6 माह के लिए जिलाबदर कर दिया गया। इस कार्रवाई के ठीक बाद हृदयेश पर पिता-पुत्र के अपहरण और जान लेने की कोशिश का आरोप लग गया।

हिस्ट्रीशीटर हृदयेश कुमार और जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा निवासी मनोज गोस्वामी के बीच चल रहे विवाद ने शनिवार को गंभीर रूप ले लिया। कमिश्नर से हिस्ट्रीशीटर की शिकयात कर लौट रहे मनोज और उसके बेटे पर कुछ लोगों ने कातिलाना हमला कर अपहरण की कोशिश की और इसका आरोप मनोज ने हृदयेश पर लगाया। मनोज की वजह से ही हृदयेश पर जिलाबदर की कार्रवाई संभव हो सकी।

मनोज ने बताया, उनके क्षेत्र में पहाड़ काट कर अवैध कालोनी बसाई जा रही है और यह काम हिस्ट्रीशीटर हृदयेश कुमार के संरक्षण में चल रहा है। इसी की शिकायत शनिवार को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से कर मनोज बेटे प्रयाग के साथ लौट रहे थे। आरोप है कि वापसी के दौरान चौफला चौराहे पर बोलेरो सवार हृदयेश अपने साथियों के साथ खड़ा था। उक्त लोगों ने पिता-पुत्र पर हमला कर अपहरण की कोशिश की। नाकाम होने पर फायर भी झोंका।

सूचना पर काठगोदाम और बनभूलपुरा पुलिस मौके पर पहुंची। मनोज ने हृदयेश व साथियों के खिलाफ काठगोदाम थाने में तहरीर दी है। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि घटना स्थल पर लगे सीसीसीटीवी देखे जा रहे हैं, साथ ही हृदयेश की घटना के वक्त की लोकेशन भी ट्रेज की जा रही है। इसके अलावा जिलाधिकारी धिराज गर्ब्याल के आदेश पर हृदयेश को जिलाबदर कर दिया गया है।

 

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