– कानपुर में फिर पैदा हो रहा कानपुर वाले विकास दुबे का शागिर्द

भरत गुप्ता, डीडीसी। राजनीति से बदमाश पनपने हैं और नेता बनते हैं। हत्या, लूट और दर्जनों संगीन अपराध का इल्जाम सिर पर लिए फरार चल रहा पुलिस वाले का अपराधी बेटा मनोज सिंह आज भाजपा जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया की बर्थडे पार्टी में जश्न मना रहा था। भनक लगी तो नौबस्ता पुलिस उसे उठा लाई, लेकिन राजनीतिक संरक्षण में पल रहे अपराधी की गिरफ्तारी जिला मंत्री को यह नागवार गुजरी। नारायण ने साथियों संग पुलिस टीम पर हमला कर दिया और मनोज सिंह पुलिस जीप से कूद कर फरार हो गया। इस मामले में खुद पुलिस उपायुक्त दक्षिण जोन रवीना त्यागी ने बर्रा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

25 हजार का इनमिया है पुलिस वाले का बेटा
सर्वोदय हॉस्पिटल बर्रा-8 निवासी हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह के पिता मालिक सिंह पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल हैं। बकौल मुकदमा मनोज पर 25 हजार का इनाम घोषित है और खबर मिली थी कि मनोज आकर्षण गेस्ट हाउस के पास पान की दुकान में खड़ा है। चौकी इंचार्ज उस्मानपुर ने दबिश दी और मनोज पकड़ा गया। तभी भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और मनोज फरार हो गया। मनोज को भगाने के लिए उसके साथी पुलिस जीप के आगे तक लेट गए। अब इस मामले में IPC की धारा 420, 147, 353, 332, 224, 188 और 269 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मुकदमे में भी दिखाई दिया सत्ता का खौफ
देश ने यूपी पुलिस के कारनामे कई बार देखे हैं और इस मामले में अब पुलिस ने नया कारनामा कर दिखाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भाजपा जिला महामंत्री नारायण सिंह साफ दिख रहा है। दिख रहा है कि वो मनोज को छुड़ाने के लिए किस कदर पुलिस से भिड़ रहा है और पुलिस मुकदमे में लिखती है कि हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह और अभियुक्तों का किसी भी राजनैतिक दल से संबंध प्रकाश में नही आया है। वाह री उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस।

30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं हिस्ट्रीशीटर पर
जुर्म की दुनिया में कानपुर वाले विकास दुबे टी तरह नाम और मकाम बनाने की तमन्ना रखने वाला मनोज बचपन से अपराधी किस्म का था। वर्ष 2007 से उस पर पहला मुकदमा बर्रा थाने में मारपीट का दर्ज हुआ। इसके बाद कुछ यार दोस्तो के बीच मनोज चर्चा में आया और उसे इस चर्चे की लत लग गई। इसके बाद तो मनोज सिंह के साथ मुकदमों की लंबी फेहरिस्त जुड़ गई। मामूली मारपीट से जरायम की दुनिया मे कदम रखने वाला मनोज नेताओं का चहेता बनने लगा। आज मनोज के खिलाफ लूट और हत्या जैसे 30 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज है। हाल ही में हुई हत्या के मामले में पुलिस को मनोज की तलाश थी।

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