हेल्थ डेस्क, डीडीसी। चूना जो पान में लगा के खाया जाता है , उसकी एक डिब्बी ला कर घर में रखें। यह सत्तर प्रकार की बीमारियों को ठीक कर देता है। तो आइए गुणकारी चुने के लाभ के बारे में जानते है। वैसे तो अधिकांश लोग तो यही जानते है कि चुने का प्रयोग सिर्फ पान में ही किया जाता है।

– गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाने से बहुत जल्दी पीलिया ठीक हो जाता है।

– चूना नपुंसकता की सबसे अच्छी दवा है, किसी के शुक्राणु नही बनते तो अगर उसे गन्ने के रस के साथ चूना पिलाया जाये तो साल डेढ़ साल में भरपूर शुक्राणु बनने लगेंगे।

– जिन माताओं के शरीर में अन्डे नही बनते, उन्हें भी इस चूने का सेवन करना चाहिए।

– शुगर हो तो रोज़ सुबह ख़ाली पेट एक गिलास पानी में एक छोटे चने के बराबर चूना मिलकर पीने से शुगर जड़ से ख़त्म हो जाती हैं ( समय समय पर जाँच करवाते रहे.. वरना शुगर का लेवल माइनस भी हो सकता हैं )

– विद्यार्थीओ के लिए चूना बहुत अच्छा है। ये लम्बाई बढ़ाता है।

– गेहूँ के दाने के बराबर चूना रोज दही में मिला के खाना चाहिए। दही नही है तो दाल में मिला के या पानी में मिला के लिया जा सकता है।

– इससे लम्बाई बढने के साथ-साथ स्मरण शक्ति भी बहुत अच्छी होती है।

– जिन बच्चों की बुद्धि कम है ऐसे मतिमंद बच्चों के लिए सबसे अच्छी दवा है चूना। जो बच्चे बुद्धि से कम है, दिमाग देर में काम करता है, देर में सोचते है हर चीज उनकी स्लो है उन सभी बच्चे को चूना खिलाने से अच्छे हो जायेंगे।

– बहनों को अपने मासिक धर्म के समय अगर कुछ भी तकलीफ होती हो तो उसका सबसे अच्छी दवा है चूना। मेनोपौज़ की सभी समस्याओं के लिए गेहूँ के दाने के बराबर चूना हर दिन खाना दाल में, लस्सी में, नही तो पानी में घोल के पीना चाहिए। इससे ओस्टीओपोरोसिस होने की संभावना भी नहीं रहती।

– जब कोई माँ गर्भावस्था में है तो चूना रोज खाना चाहिए। क्योंकि गर्भवती माँ को सबसे ज्यादा केल्शियम की जरुरत होती है और चूना केल्शियम का सबसे बड़ा भंडार है। गर्भवती माँ को चूना खिलाना चाहिए अनार के रस में। अनार का रस एक कप और चूना गेहूँ के दाने के बराबर ये मिलाके रोज पिलाइए। नौ महीने तक लगातार दीजिये।

– इसके दो चार फायदे होंगे – पहला फायदा होगा कि माँ को बच्चे के जन्म के समय कोई तकलीफ नही होगी और नॉर्मल डीलिवरी होगी, दूसरा बच्चा जो पैदा होगा वो बहुत हृष्ट-पुष्ट और तंदुरुस्त होगा, तीसरा फ़ायदा वो बच्चा जिन्दगी में जल्दी बीमार नही पड़ता और चौथा सबसे बड़ा लाभ है वो बच्चा बहुत होशियार होता है, उसका IQ बहुत अच्छा होता है।

– चूना घुटने के दर्द, कमर का दर्द, कंधे के दर्द को ठीक करता है।

– एक खतरनाक बीमारी है Spondylitis वो चुने से ठीक होती है।

– कई बार हमारे रीढ़ की हड्डी में जो मनके होते है उसमे दूरी बढ़ जाती है, Gap आ जाता है, जिसे ये चूना ही ठीक करता है। रीढ़ की हड्डी की सब बीमारियां चूने से ठीक होती है।

– अगर हड्डी टूट जाये तो टूटी हुई हड्डी को जोड़ने की ताकत सबसे ज्यादा चूने में है। इसके लिए चूने का सेवन सुबह खाली पेट करें।

– अगर मुंह में ठंडा-गरम पानी लगता है तो चूना खाने से बिलकुल ठीक हो जाता है।

– मुंह में अगर छाले हो गए है तो चूने का पानी पिने से तुरन्त ठीक हो जाता है।

– शरीर में जब खून कम हो जाये तो चूना जरुर लेना चाहिए।

– एनीमिया है, खून की कमी है, उसकी सबसे अच्छी दवा है ये चूना। गन्ने के रस, संतरे के रस या अनार के रस में डाल कर चूना ले।

– अनार के रस में चूना पीने से खून बहुत बढता है, बहुत जल्दी खून बनता है। एक कप अनार का रस गेहूँ के दाने के बराबर चूना सुबह खाली पेट लें।

– भारत के जो लोग चूने से पान खाते है, बहुत होशियार है और वे महर्षि वाग्भट के अनुयायी है, लेकिन पान बिना तम्बाखू , सुपारी और कत्थे के लें। तम्बाखू ज़हर है और चूना अमृत है। जबकि कत्था से कैंसर होता है।

– पान में सौंठ, इलायची, लौंग, केसर, सौंफ, गुलकंद, चूना, कसा हुआ नारियल आदि डाल के खाए।

– अगर घुटने में घिसाव आ गया हो और डॉक्टर कहे के घुटना बदल दो तो भी जरुरत नही, चूना खाते रहिये और हरसिंगार ( पारिजातक या प्राजक्ता ) के पत्ते का काढ़ा पीजिये, घुटने बहुत अच्छे काम करेंगे ।

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