– पूर्व दर्जा राज्य मंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय राज्य सरकार पर जमकर बरसे

किच्छा, डीडीसी। अपनी पीठ थपथपाते नही थक रही उत्तराखंड सरकार पर आज पूर्व दर्जा राज्य मंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय जमकर बरसे। भाजपा राज में बढ़ती मंहगाई और माननीयों के बढ़े वेतन पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई। रविवार को एक बयान जारी करते हुए उन्होंने राज्य सरकार पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने तो भाजपा की राज्य सरकार को जनता और किसान विरोधी करार दे दिया।

विधायकों का वेतन 3 गुना और 4 साल में समर्थन मूल्य एक बार भी नही
उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने गन्ना किसानों को फिर से ठगा है। 4 साल में गन्ने का समर्थन मूल्य एक रु नहीं बढ़ा, लेकिन विधायकों का वेतन 3 गुना बढ़ा दिया गया। सरकार को उन किसानों को इसका जवाब देना होगा। सरकार बताए कि क्या खर्चे सिर्फ विधायकों और सांसदों के लिए हैं? महंगाई की मार माननीयों पर ही पड़ रही? क्या सरकार को ये लगता है कि किसान आज भी 4 साल पुराने मूल्यों पर ही खेती कर रहा है। आखिर क्या वजह है जो सरकार ने पिछले 4 साल में एक बार भी गन्ने का समर्थन मूल्य नही बढ़ाया? विधायकों के वेतन के साथ तमाम सुविधाएं, भत्ते बढ़ाकर वेतन सांसदों के बराबर कर दिया गया है। जबकि आम आदमी मंहगाई के बोझ से दबा जा रहा है।

उन्होंने कहा, गुजरे 5 साल में महंगाई 40 प्रतिशत बढ़ी, वर्तमान में डीजल के दाम 25 रुपये बढ़ गए। बीज, खाद, दवाई, बुवाई, जुताई, कटाई, मजदूरी के दामों में भारी बढोत्तरी हुई। जीएसटी में एक हजार संशोधन हो चुके हैं और व्यापारी, वकील, सीए इस संसोधन से परेशान हैं। आठ करोड़ व्यापारी आन्दोलन कर रहे हैं।

केंद्र सरकार ने बंद कर दिया महंगाई भत्ता
केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 2019 से बन्द कर रखा है। कोविड 19 के समय में कर्मचारियों की तनख्वाह भी काट दी गयी। गोल्डन कार्ड के नाम पर प्रतिमाह कर्मचारियों की तनख्वाह काटी जा रही है और बदले में सुविधाएं शून्य हैं। बेरोजगार 5 साल से सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे है और सरकार लोक लुभावने वादों के सिवा जनता को कुछ नही दे रही।

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