– खटीमा में घटी दिल दहला देने वाली घटना

खटीमा, डीडीसी। शादी को सालों गुजर चुके थे, उसको दो बेटियां भी थीं। बावजूद इसके शराब की लत ने उससे नही छूटी। दारू के नशे में उसने एक बार फिर बीवी को पीटा और बेटियों संग घर से निकाल दिया। पति से अजीज आ चुकी पत्नी ने जान देने का फैसला कर लिया। दोनों मासूम बेटियों का हाथ दुपट्टे से बांध उसने नदी में छलांग लगा दी। इस घटना का पता तब चला जब एक शख्स ने नदी में उतरती तीन लाशें देखीं। मामला उत्तराखंड (Uttrakhand) के खटीमा (Khatima) का है।

देवहा नदी में कूद कर समाप्त की जीवन लीला
सत्रहमील चौकी के हल्दी घेरा स्थाई बॉर्डर से महज 50 मीटर की दूरी पर एक महिला ने अपनी दो मासूम बेटियां सहित नदी में कूदकर जान दे दी। पुलिस को तीनों शवों के हाथ दुपट्टे से आपस में बंधे मिले हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दिल दहला देने वाली यह घटना देवहा नदी के फीडर संख्या 30 पर हुई। फीडर के नीचे तीन शव उतराने की सूचना सबसे पहले प्रधान पति हल्दी घेरा गुरप्रीत सिंह खिंडा ने सत्रहमील पुलिस चौकी प्रभारी जगत सिंह साही को दी। चौकी प्रभारी की सूचना पर सीओ मनोज कुमार ठाकुर पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को नदी से बाहर निकलवाया।

एक 8 और दूसरी बेटी 10 साल की
नदी में कूदने से पहले महिला ने दुपट्टे से अपनी दोनों मासूम बेटियों के हाथ अपने दोनों हाथ से बांधे थे। मृतक महिला और दोनों बच्चियों की शिनाख्त देर शाम मृतका के भाई अशफाक ने अपनी विवाहिता बहन सिम्मी (30 वर्ष) निवासी वार्ड नंबर 2 इस्लामनगर और दोनों भांजियों अजना (8 वर्ष), फलक (10 वर्ष) के रूप में की।

शनिवार को हुआ था पति-पत्नी के बीच विवाद
एक बच्ची के हाथ में पड़े कढ़े में उर्दू में लिखी इबारत को पढ़कर ग्राम प्रधान जमौर पति शमीम अख्तर ने इस बात का संकेत दिया कि तीनों मृतक मुस्लिम समुदाय से संबध रखते हैं। इधर मृतका के भाई अशफाक ने बताया की सिम्मी की शादी को 12 साल से अधिक हो चुके थे। पति इरफान अक्सर शराब पीकर पत्नी और बच्चों से मारपीट करता था। शनिवार देर रात भी इरफान ने सिम्मी और बच्चों को पीटा था और घर से निकाल दिया था।

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