मैनपुरी, डीडीसी। आज भी उत्तर प्रदेश में प्यार को अपराध की नजर से देखा जाता है और ऐसा करने वालों को सजा-ए-मौत के सिवा कुछ नहीं मिलता। ताजा मामला मैनपुरी का है, जहां गैर बिरादरी के युवक से प्यार और फिर शादी करने की एक युवती को खौफनाक सजा दी गई। युवती को उसी के भाइयों ने पहले तो गोली मार कर बेरहमी से कत्ल कर दिया और फिर सुबूत मिटाने हत्यारे भाइयों ने अपने ही खेत में बहन की कब्र बना दी। वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी भाई फरार हैं और दिल्ली पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
मूलरूप से मैनपुरी की रहने वाली चांदनी कश्यप पुत्री उदयवीर दिल्ली के कश्यपनगर फरेंजी में रहती थी। यहां चांदनी की बुआ का घर है और कई सालों से चांदनी बुआ के साथ ही रह रही थी। दिल्ली के त्रिलोकपुरी में अर्जुन जाटव रहता है। अर्जुन मूलरूप से प्रतापगढ़ जिले के लालगंज का रहने वाला है और दिल्ली में एक फैक्ट्री में काम करता है। बताया जाता है कि अर्जुन का चांदनी के बुआ के घर के पास काफी आना-जाना था और इसी दौरान दोनों की आंखें चार हो गई। दोनों की मुलाकातें हुई और मोहब्बत हुई और फिर नौबत शादी तक आ पहुंची। हालांकि शादी में सबसे बड़ी समस्या दोनों का विजातीय होना था और लडक़ी के भाई इसके बिल्कुल खिलाफ थे। ऐसे में चांदनी घरवालों के खिलाफ चली गई और अर्जुन से प्रतापगढ़ जा कर शादी कर ली। ये बात चांदनी के भाइयों को नागवार गुजरी। इधर, शादी के कुछ ही दिन बाद अर्जुन अपनी पत्नी चांदनी और माता-पिता के साथ वापस दिल्ली आ गया। इधर, चांदनी के भाइयों के दिल में षडय़ंत्र पल रहा था। भाइयों ने धोखे से चांदनी को अपने गांव मिलने बुलाया। चांदनी को बरगलाया गया कि जो हो गया सो हो गया। भाइयों के इस प्यार के झांसे में चांदनी फंस गई और भाइयों से मिलने गांव जा पहुंची, लेकिन फिर लौट कर वापस दिल्ली नहीं जा पाई। कई दिन तक जब चांदनी नहीं लौटी तो अर्जुन ने तलाश शुरू की। चांदनी के भाइयों से जब मुफीद जवाब नहीं मिला तो अर्जुन ने मयूर विहार पुलिस को इसकी जानकारी दी और अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। तलाश में जुटी पुलिस मैनपुरी जा पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही तीन में से दो भाई फरार हो गए। एक भाई सुधीर को पुलिस ने हिरासत में ले कर पूछताछ की। सुधीर ने बताया कि दोनों भाइयों ने पहले चांदनी की गोली मार कर हत्या की और फिर लाश को खेत में दफना दिया। सुधीर की निशानदेही पर पुलिस ने खेत में पांच घंटे तक जेसीबी चलवाई, लेकिन चांदनी की लाश नहीं मिली। मामले में पुलिस की तफ्फतीश जारी है।

आठ साल के प्यार की बलि ली भाइयों ने
अर्जुन और चांदनी की मोहब्बत चंद दिनों की नहीं थी और न ही चार दिन से प्यार में ही उन्होंने शादी का फैसला किया। बल्कि दोनों के बीच पिछले आठ साल से प्रेम संबंध थे और समय के साथ ही ये संबंध और प्रगाढ़ होते चले गए। इतने कि 12 जून 2020 को दोनों ने प्रतापगढ़ के एक मंदिर में शादी कर ली। जून के बाद सब ठीक चल रहा था और चांदनी राजी-खुशी दिल्ली में अपने पति और ससुरालियों के साथ रह रही थी। फिर नवंबर में चांदनी के भाइयों ने उसे बरगला कर बुला लिया और तब से ही चांदनी की कोई खोज खबर नहीं है।

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