ये फोटो देखना जरूरी है, देखें और विभाग के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग करें।

बांसवाड़ा, डीडीसी। सुबह-सुबह एक ऐसा हादसा हुआ, जिसे जिसने भी देखा उसकी रूह कांप गई और ये लाजमी भी था। घर से बच्चों को पढ़ाने निकली स्कूटी सवार एक टीचर पर बिजली का तार काल बनकर टूट गया। पल भर में टीचर स्कूटी के साथ जल कर खाक हो गई। बीच सडक़ एक दा लडक़ी को खाक होते ढेर सारे लोगों ने देखा, लेकिन 11 हजार वोल्ट की लाइन के आगे किसी की नहीं चली। पूरा मामला कलिंजरा थाना क्षेत्र की है।

पुलिस की मानें तो हादसे का शिकार हुई टीचर नीलम पाटीदार है और वह एक स्कूल में पढ़ाती है। रोज की तरह शुक्रवार की सुबह नीलम स्कूल के लिए निकली थी। स्कूटी पर सवार नीलम अभी नोगामा गांव के पास बने पेट्रोल पंप के पास ही पहुंची थी कि तभी सिर के ऊपर से गुजरी 11 हजार वोल्ट की लाइन टूट गई और नीलम के ऊपर आ गिरी। हैवी वोल्ट लाइन की चपेट में आते ही एक जोरदार धमाका हुआ और नीलम स्कूटी के साथ आग का गोला बन गई। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पल भर में ही तमाम लोग मौके पर जा पहुंचे और जो देखा तो आवाक रह गए। बीच सडक़ पर एक लडक़ी और स्कूटी धू-धू कर जल रहे थे। लडक़ी मदद के लिए चीख-चिल्ला रही थी, लेकिन भीड़ के बीच कोई भी ऐसा नहीं था जो नीलम की मदद कर पाता। कुछ ही देर में सूचना पाकर पुलिस मौके पर जा पहुंची। आनन-फानन में बिजली बंद कराई गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। नीलम चीख-चीख कर सडक़ पर दम तोड़ चुकी थी। पुलिस ने फिर वही किया जो वो हमेशा करती है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

राजस्थान में दोहराया उत्तराखंड जैसा हादसा
हू-ब-हू कुछ ऐसा उत्तराखंड में भी हो चुका है और वो भी एक माह पहले। उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में यह घटना घटी। घटना का वक्त भी लगभग वही था, जो नीलम की मौत का था। नीलम तो पढ़ाने जा रही थी, लेकिन दूसरी घटना में एक नवयुवक अपनी साइकिल पर सवार होकर मॉर्निंग वॉक पर निकला था। शहर से नैनीताल की ओर जाने वाले हाईवे पर अचानक बिजली का तार टूट कर इस साइकिल सवार पर गिर गया और ये नवयुवक भी नीलम की तरह काल के गाल में समा हो गया।

क्यों न दर्ज हो विभाग पर हत्या का मुकदमा
ऐसी घटनाओं के बाद यह देखने में आया है कि बड़े आरोपियों को बचा लिया जाता है और गाज छोटे प्यादों पर गिरा दी जाती है। उत्तराखंड में भी कुछ लोगों पर कार्रवाई करके मामले को दबा दिया गया। इधर, राजस्थान में घटना के बाद जनता आक्रोशित है। ऐसे में यह मांग क्यों नहीं की जानी चाहिए कि इस घटना में विभाग के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो। आखिर नीलम की गलती क्या थी, क्या इसे सिर्फ एक हादसा मान लेना ठीक होगा?

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