– 30 द‍ि‍न में होंगे 13 शाही स्‍नान, हर किसी के ल‍िए कोरोना टेस्ट अनिवार्य

हरिद्वार, डीडीसी। आज यानी 1 अप्रैल 2021 से हरिद्वार में विधिवत महाकुंभ का आगाज हो गया, लेकिन प्रतिबंधों के साथ। गंगा में आस्था की डुबकी लगाने की इजाजत इस बार हर किसी को नही है और इसकी वजह है कोरोना। डुबकी लगाने से पहले भक्तों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी और वो भी 72 घंटे पहले की। अगर आपके पास कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट नही है तो गंगा स्नान भी नही कर पाएंगे। हालांकि भक्तों की भीड़ को काबू करना भी प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित होने वाला है। इस दफा 30 दिन के महाकुंभ में 13 अखाड़े शाही स्नान होंगे।

अब घाट पर भी अनिवार्य हुआ मास्क
कुंभ स्नान के सख्त नियमों में एक नियम मास्क पहनना भी है। अपनी यात्रा के दौरान आपको इस बात का ख्याल रखना होगा कि मास्क ने आपके मुंह और नाक को पूरी तरह ढक रखा हो। ऐसा नही चलेगा कि चालान से बचने के लिए मास्क को नाक और मुंह के नीचे लटका लिया गया हो। खास बात तो यह है कि अब मास्क गंगा घाट पर भी लगा कर रखना होगा। यदि आप बिना मास्क मिलते हैं तो चालान तय समझिए। इसके अलावा प्रशासन ने घाटों पर सेल्फ सेनिटाइजर मशीन की व्यवस्था की है। जिससे आपको लगातार अपने हाथ सेनेटाइज करने होंगे।

हरिद्वार के आसमान में नही उड़ेंगे हवाई जहाज, सड़क पर भी सख्ती
एक माह के महाकुंभ का आगाह होते ही सुरक्षा को लेकर भी सरकार सजग है। महाकुंभ में भारी भीड़ होगी। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल 30 दिन के लिए हरिद्वार के आसमान से हवाई जहाज समेत अन्य उड़ानों को रोक दिया गया है। इतना ही नही, हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को सड़क पर सहूलियत प्रदान करने के लिए शहर के तमाम रूट डायवर्ट कर दिए गए है। अब हरिद्वार की सीमा में बड़े और छोटे वाहनों को भी दाखिल नही होने दिया जाएगा। बल्कि व्यवस्था की गई कि इन वाहनों को शहर के बाहर से ही निकाल दिया जाए।

5 बड़े स्नान और 13 अखाड़े
महाकुंभ 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगा। एक महीने में 5 बड़े स्नान होंगे, ज‍िसमें 13 अखाड़े शाही स्नानों में हिस्सा लेंगे। सात संन्यासी, तीन वैरागी, दो उदासीन, एक निर्मल अखाड़ों से जुड़े संत स्नान करेंगे। जूना अखाड़े से जुड़ा किन्नर अखाड़ा भी स्नान करेगा। मेला अधिकारी और आईजी आज यानी 1 अप्रैल को हरकी पैड़ी पर गंगा आरती करेंगे।

त्रिवेंद्र की सख्ती, तीरथ की ढील और कोर्ट की लगाम
जब त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने कुंभ स्नान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया था। तब सरकार ने कई प्रतिबंध लगाए थे और इसकी वजह था कोरोना का बढ़ता खतरा। त्रिवेंद्र की सरकार गई और प्रदेश का नया मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को बना दिया गया। कमान संभालते ही तीरथ ने तमाम प्रतिबंधों को हटा दिया, लेकिन तीरथ की इस ढील पर उत्तराखंड हाई कोर्ट सख्त हो गया। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद कुंभ मेले में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 72 घंटों के भीतर की कोरोना जांच रिपोर्ट और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है

हर रोज 50 हजार जांच की जरूरत, लेकिन…
कुंभ मेला क्षेत्र में कोरोना के लगातार बढ़ते मामले स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। केंद्र सरकार की महामारी की निगरानी करने वाली संस्था एनसीडीसी और उत्तराखंड हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देश है कि कुंभ मेला क्षेत्र में कम से कम 50 हजार जांचें हर दिन की जानी चाहिए, लेकिन कुंभ मेले के स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में डॉक्टर और हेल्थ वर्कर्स नहीं है। फिलहाल मेला क्षेत्र में 10 हजार से भी कम जांचें हर दिन की जा रही है।

बॉर्डर पर होगा भक्तों का कोविड टेस्ट
कुंभ क्षेत्र में आने वाले यात्रियों या भक्तों का बॉर्डर पर ही कोविड टेस्ट होगा। घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए मास्क पहनना जरूरी है। इतना ही नहीं 12 राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड रिपोर्ट लानी होगी। सरकार की ओर से जारी एसओपी का पूरा पालन करना होगा। जिले के बॉर्डर पर हेल्थ स्टॉफ के साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात है। जांच में अगर कोई व्यक्ति बॉर्डर पर कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो उसे आइसोलेट किया जाएगा।

--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here