– 10 अप्रैल को महज साढ़े 3 साल की बच्ची को बनाया था निवाला

डीडीसी, कोटद्वार। दादी के सामने ही एक मासूम बच्ची को निवाला बनाने वाला आदमखोर गुलदार वन विभाग के चंगुल में है। महज साढ़े 3 साल की इस मासूम का शिकार करने वाले गुलदार ने एक और मासूम पर हमला किया था। इस हमले में मासूम की जान तो बच गई, लेकिन वो बुरी तरह घायल हो गया। पौड़ी गढ़वाल जिले की दुगड्डा नगर पालिका से सटे ग्राम गोदी बड़ी में लगाए गए पिंजरे में नर गुलदार कैद हो हुआ।

पत्थर फेंका तो शव छोड़ कर भागा आदमखोर
10 अप्रैल की शाम करीब सात बजे गुलदार ने गांव के समीप एक मासूम को निवाला बना दिया। ग्राम गोदी बड़ी निवासी चंद्र मोहन डबराल की साढे तीन वर्षीय पुत्री माही शनिवार शाम को अपनी दादी व अन्य ग्रामीणों के साथ खेत से घर की ओर आ रही थी। माही दादी से आगे बच्चों के साथ चल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगा कर बैठे गुलदार ने बच्ची पर झपट्टा मार दिया और उसे घसीटते हुए झाड़ियों की ओर ले गया। ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए झाड़ियों की ओर पत्थर फेंकने शुरू किए, जिसके बाद गुलदार माही को मौके पर छोड़ जंगल की ओर भाग गया।

गुरुवार तड़के गिरफ्त में आया गुलदार
घटना के बाद वन विभाग ने गांव में दो स्थानों पर पिंजरे लगा दिए थे। लैंसडाउन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज के रेंज अधिकारी किशोर नौटियाल ने बताया कि गांव के समीप लगाए गए पिंजरे में गुरुवार तड़के एक गुलदार कैद हुआ है। गौरतलब है कि 11 मार्च को भी गुलदार ने दुगड्डा नगर से सटे ग्राम सरड़ा में भी एक बच्चे पर हमला किया था। गुलदार के हमले में बच्चा बुरी तरह घायल हो गया था।

आदमखोर को भेजा गया चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर
गुलदार के कैद होने की खबर पर उप प्रभागीय वनाधिकारी दिनेश घिल्डियाल और एसओजी प्रभारी अनुराग जुयाल मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम पिंजरे को गांव से मोड़ाखाल लेकर आई है, जहां से गुलदार को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि गुलदार के कैनाइन घिसे हुए हैं। बता दें हाल ही में उसने एक बच्ची को निवाला बनाया था। फिलहाल, उसके पकड़े जाने से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्र में काफी समय से गुलदार का आतकं बना हुआ था।

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