– तेजाब, गधे की लीद, भूसा, रंग और केमिकल से बनाए जा रहे थे मसाले

हाथरस, डीडीसी। टीवी पर तमाम सारी कंपनियां अपने मसालों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करते हैं और दावा करते हैं कि उनके मसाले खानों को इतना स्वादिष्ट बना देंगे कि आप अंगुलिया चाटते रह जाएंगे। हाथरस में इस नेता ने टीवी पर एड तो नहीं दिया, लेकिन इसे इतना पता था कि मोटा पैसा कैसे कमाना है। इस कमाई के चक्कर में नेता जी ने मसालों के नाम पर लोगों को गधे की लीद, भूसा और जानलेवा केमिकल परोसना शुरू कर दिया। जहां से गड़बड़झाला चल रहा था, उस फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और नेता की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। मामला उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का है।

हिंदू युवा वाहिनी का उप मंडल प्रभारी है आरोपी
हाथरस कोतवाली के नवीपुर इलाके में ये फैक्ट्री लंबे समय से संचालित थी और इस फैक्ट्री का मालिक अनूप वाष्र्णेय अब पुलिस की हिरासत में है। अनूप हिंदू युवा वाहिनी का उप मंडल प्रभारी है। बताया जाता है कि युवा वाहिनी के बूते अनूप ने इलाके में अच्छी खासी पकड़ बना रखी है। सीधे तौर पर कहा जाए तो वह अपना दबदबा इलाके पर बढ़ा रहा था। इसके बूते ही वह लंबे समय से इलाके में नकली मसालों का कारोबार कर रहा था।

300 किलो से ज्यादा नकली मसाला पकड़ा
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पीसी मीणा की मानें तो छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से 300 किलो से अधिक नकली मसाला बरामद किया गया है। इन मसालों में धनिया पाउडर, लाल मिर्च, हल्दी और गरम मसाला शामिल है। इन सभी में गधे की लीद और भूसे का इस्तेमाल किया जा रहा था। लीद और भूसे को पीस कर इनका पाउडर तैयार किया जाता था। फिर रंग और केमिकल के जरिये इन्हें लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाले जैसा बना दिया जाता था।

कहता था सोने-चांदी से तैयार होता है मसाला
आरोपी अनूप वाष्र्णेय अपने मसालों की ब्रांडिंग भी तगड़े तरीके से करता था। लोगों को वह बताता था कि उसके यहां तैयार होने वाले मसालों को बनाने के लिए सोने और चांदी का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि माजरा तो कुछ और ही था। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से करीब 1000 खाली पाउच विभिन्न कंपनियों के नाम के बरामद हुए। जबकि 100 पाउच तैयार माल टीम ने बरामद किया गया। कुल 27 सैंपल जांच के लिए भेजे गए है।

लीद भूसे के साथ मिलाता था जानलेवा एसिड
फैक्ट्री से जो भी कुछ बरामद हुआ है, अगर उसे देख लें तो यकीन मानिए आप बाजार में बिकने वाला मसाला खाना छोड़ ही देंगे। इस फैक्ट्री में टीम को भारी मात्रा में गधे की लीद, भूसा, हानिकारक रंग और केमिकल तो मिला ही है, साथ ही कई ड्रम एसिड यानि तेजाब भी बरामद किया गया है। इस तेजाब का इस्तेमाल भी मसाला बनाने में किया जाता था। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मसालों के लगातार इस्तेमाल से जान को खतरा हो सकता है।

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