– 12 घंटे चली पूंछतांछ के बाद गिरफ्तार किया गया आशीष

लखीमपुर, डीडीडी। किसानों को कुचलने वाली कार थार आशीष मिश्रा उर्फ मोनू चला रहा था, ये आशीष साबित नही कर पाया। 12 घंटे तक चली लंबी पूंछतांछ के बाद जब एसआईटी को लगा कि आशीष बरगलाने को कोशिश कर रहा है तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि थार आशीष मिश्रा चला रहा था। जबकि बचाव में आशीष मिश्रा और उनके पिता व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की तरफ से लगातार ये दलीलें दी जा रही हैं कि घटनास्थल पर वो मौजूद ही नहीं था।

सवाल में ऐसे उलझा आशीष उर्फ मोनू
सूत्रों का कहना था कि थार गाड़ी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू चला रहा था। पूछताछ में पहले आशीष मिश्रा ने कहा कि ड्राइवर हरिओम को मार दिया गया जिसने पीली शर्ट पहनी थी, लेकिन थार के ड्राइवर ने सफेद शर्ट जैसा कुछ पहन रखा था, इसी बात पर पेंच फ़ंस गया जिसके बाद SIT ने आशीष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।

आशीष ने कोशिश, लेकिन काम नही आई
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी की पूछताछ में आशीष से करीब 40 सवाल पूछे गए. SIT के एक सवाल का आशीष जवाब भी नहीं दे सका. आशीष से पूछा गया कि 3 अक्टूबर को दिन में 2:36 से 3:30 बजे तक वह कहां था? आशीष इस सवाल का जवाब नहीं दे पाया। यानी आशीष ने घटना के दिन के वीडियो दिखाकर खुद को कहीं और बताने के प्रयास जरूर किए, लेकिन जिस वक्त किसानों को कार से रौंदने की घटना हुई, ठीक उसी वक्त वो कहां था, ये साबित करने में वो सफल नहीं रहा।

जांच में सहयोग नही कर रहे आशीष : आशीष
डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया लंबी पूछताछ के बाद हमने पाया कि वो सहयोग नहीं कर रहे हैं, विवेचना में कई सारी बातें नहीं बताना चाह रहे हैं, इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर रहे हैं।

पुलिड कस्टडी में जेल भेजा गया आशीष
आशीष मिश्रा के वकील ने बताया कि वह शनिवार देर रात जेल में रहेंगे, सोमवार को मामले की सुनवाई होगी। गिरफ्तारी के बाद आशीष मिश्रा को लखीमपुर जेल में दाखिल किया गया। रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने रात में ही पेश कर आशीष मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

रौंदने वाली कर थार का नहीं था इंश्योरेंस
तिकुनिया हिंसा मामले में एक और खबर सामने आई कि जिस थार जीप ने किसानों की जान ली। उस थार का इंश्योरेंस खत्म हो गया था। गाड़ी का इंश्योरेंस 13 जुलाई 2018 से खत्म हो चुका है। बताया जा रहा है कि यह गाड़ी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के नाम पर है।

दो बार जारी किया गया समन
क्राइम ब्रांच ने आशीष मिश्रा को समन भेजकर 9 अक्टूबर को दिन में 11 बजे तक पेश होने को कहा गया था। लखीमपुर पुलिस जब समन लेकर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के घर पहुंची थी तब वहां कोई नहीं था. पुलिस राज्यमंत्री के घर दूसरा नोटिस चस्पा कर आई थी। क्राइम ब्रांच ने आशीष मिश्रा को दोबारा तलब किया। क्राइम ब्रांच ने आशीष को पहले भी तलब किया था, लेकिन तब आशीष नहीं पहुंचा था।

डिप्टी CM को रिसीव करने जा रहा था काफिल
बीते रविवार 3 अक्टूबर को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तय कार्यक्रम के तहत लखीमपुर खीरी के दौरे पर थे। उन्हें रिसीव करने के लिए गाड़ियां जा रही थीं। ये गाड़ियां केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की बताई गईं। रास्ते में तिकुनिया इलाके में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और झड़प हो गई। आरोप लगा कि आशीष मिश्रा ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी और 4 लोगों की मौत हो गई। इससे हिंसा भड़की और बीजेपी नेता के ड्राइवर समेत चार लोगों की मौत हो गई। कुल मिलाकर हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई।

--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here