– बुआ की बेटी संग बलात्कार के बाद उसे उतारा मौत के घाट

हल्द्वानी, डीडीसी। 29 सितंबर से लापता 15 साल की नाबालिग की लाश गौला नदी किनारे जंगल से गुजरे गंदे नाले में पड़ी मिली। उसके साथ रेप किया गया और फिर बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। कत्ल करने वाला कोई और नहीं, उसका ही भाई था। जिसने पहले अपनी फुफेरी बहन के साथ रेप किया, फिर हाथ पकड़ कर अपने दोस्त से भी बलात्कार कराया। दोनों कातिल सुबूत के साथ अब पुलिस की चंगुल में हैं।

स्मैक के लिए प्यार के जाल में फांसी बुआ की बेटी
मोहम्मदी चौक इंद्रानगर बनभूलपुरा हल्द्वानी का रहने वाला दानिश स्मैक का लती है। कुछ साल पहले उसका अपनी बुआ के घर आना-जाना हुआ और फिर आने-जाने का सिलसिला चल निकला। दानिश की नजर नाबालिग पर पड़ चुकी थी। धीरे-धीरे दानिश ने नाबालिग को अपने प्यार के जाल में फंसा लिया। अब जब भी दानिश को नशे के लिए पैसों की जरूरत पड़ती तो वह नाबालिग को बैंक की तरह इस्तेमाल करता।

जिस दिन लापता हुई, उसी दिन हुआ बलात्कार
दानिश का करीबी दोस्त है जिशान, जो हल्द्वानी गौजाजाली में रहता है। दोनों स्मैक के आदि है। 29 सितंबर को दानिश ने ही जिशान को भेजा नाबालिग को लेने भेजा। जिशान नाबालिग को गौला नदी किनारे लेकर पहुंचा। जहां पहले दानिश ने नाबालिग का रेप किया और जिशान ने। नाबालिग जिशान के लिए राजी नहीं हुई तो उसे पीटा और फिर दानिश ने नाबालिग का हाथ पकड़ा और जिशान ने रेप किया।

पहले हाथ से, फिर दुपट्टे से घोंट कर मार डाला
बलात्कार के बाद असहाय नाबालिग ने दानिश को भला-बुरा कहा और कहा कि वह दोनों की शिकायत घर में मम्मी से करेगी। इस पर दोनों आरोपियों ने नाबालिग को बुरी तरह पीटा। जिससे वो बेहोश हो गई। दानिश ने नाबालिग का गला हाथों से घोंटा और फिर नाबालिग का दुपट्टा फाड़ कर उसकी रस्सी बनाई और सिर्फ इसलिए दुपट्टे से दोबारा गला घोंटा कि कहीं वो जिंदा न बच जाए। इसके बाद लाश को नाले में फेंक दिया।

अब जेल में ही गुजर जाएगी 20 साल के कातिलों की उम्र
वारदात को अंजाम देने वाले कातिलों की उम्र 20-20 साल है। दोनों अलमारी बनाने का काम एक साथ करते हैं। इन दोनों जो धाराएं लगी है, उसके मुताबिक तो फांसी दिए जा का भी प्राविधान है। कहा जाए तो अब इनका जीवन अब जेल में ही गुजरेगा। अभियुक्तों पर धारा 363, 376(3), 376 DA, 302, 201, 34 आईपीसी, धारा 5 (J)(iV/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में जमानत नहीं है।

ये लोग थे टीम में
गुडवर्क करने वाली टीम में थानाध्यक्ष बनभूलपुरा प्रमोद पाठक, एसआई दीवान सिंह बिष्ट, एसआई कुसुम रावत, एसआई अमर पाल, का. संजय साहनी, का. अमनदीप सिंह, का. दिलशाद हुसैन, का. मदन सिंह, का. हरिकृष्ण मिश्रा, का. सुनीता सीपाल व का. पुनीता पाठक थीं। मामले की विवेचना एसआई सादिक हुसैन ने की।

सात दिन में खंगाले गए 125 सीसीटीवी
गुमशुदा नाबालिग की बरामदगी के लिए तीन टीमें गठित की गई थीं। गौजाजाली, इन्द्रानगर छोटी-बड़ी लाइन, सभी बगीचे, गौजाजाली, बरेली रोड के आसपास के तकरीबन 125 सीसीटीवी खंगाले गए। इसके अलावा पम्पलेट चस्पा भी चस्पा किए गए, लेकिन कामयाबी सीसीटीवी से मिली।

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